राजीव जी टिकट के साथ स्लेज बोर्ड भी ले आए हैं। सनसेट होते ही स्लैजिंग शुरू हो गई। गीता जैकेट उतार कर स्लैज बोर्ड पर बैठ गई और उसने गोदी में दित्त्या को बिठा कर, अपने साथ जैकेट से बांध लिया और रेत में फिसलना शुरू कर दिया। 4 साल की दित्या से स्लैजिग में कोई सहयोग तो था नहीं बल्कि बीच में उसके घुटने मुड़ने लगते हैं और वह चीखने लगती, एकदम गीता कंट्रोल करके रूकती। दित्या बैठे बिना भी नहीं मानती है। गीता भी लगातार लगी रही। कुछ समय बाद दित्या भी समझ गई और टांगो की सेटिंग करने लगी। अब स्लेजिंग एंजॉय करने लगी पर तब तक अंधेरा हो गया। चाँद भी निकल आया है।
स्लैजिंग एक मजेदार, लोकप्रिय और रोमांचक गतिविधि है जो वाइट सैंड नेशनल पार्क में की जा सकती है। यहाँ कुछ जानकारी है जो आपको स्लैजिंग के बारे में जानने में मदद करेगी:
स्लैजिंग एक गतिविधि है जिसमें आप रेत के टीलों पर, स्लेज पर बैठकर नीचे की ओर फिसलते हैं। यह एक मजेदार और रोमांचक तरीका है जिससे आप पार्क की सुंदरता का अनुभव कर सकते हैं।
स्लैजिंग के लिए आवश्यक उपकरण को स्लेज कहते हैं।स्लेज एक विशेष प्रकार का बोर्ड होता है जो रेत पर फिसलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आप स्लेज पार्क के स्टोर से खरीद सकते हैं या किराए पर ले सकते हैं। गीता छोटी है इसलिए राजीव गोल लाये हैं।
स्लैजिंग करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। आप हेलमेट और घुटने के गार्ड पहनें।
रेत की ढलान का चयन करना महत्वपूर्ण है। ढलान पर कोई पत्थर या अन्य बाधाएं न हों।
अपनी गति को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि आप अपनी गति को नियंत्रित कर सकते हैं और सुरक्षित रूप से रुक सकते हैं।
स्लैजिंग के लिए सुबह या शाम का समय सबसे अच्छा होता है जब तापमान कम होता है और रेत नरम होती है।
वाइट सैंड नेशनल पार्क में स्लैजिंग एक मजेदार और रोमांचक गतिविधि है जो आपको पार्क की सुंदरता का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है। उत्कर्षनी ने बड़ी मुश्किल से बच्चों को गाड़ी में बिठाया। वे रेत छोड़ने को तैयारी नहीं थे। शायद अंधेरे के मारे गाड़ी में बैठे। अब हम होटल की ओर चल पड़ते हैं। क्रमशः
https://www.instagram.com/reel/DT-G0WVAEdR/?igsh=aHd3bDFtY2xzMW5k
https://www.instagram.com/reel/DT-KRFUgK0k/?igsh=MWVsNmcyeW5uMGx0ag==








