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Sunday, 15 March 2026

गीता का प्रयोग! Ghita's experiment! Durango City! Colorado कॉलोरोडो , USA Neelam Bhagi नीलम भागी

 



अमेरिका के राज्य कोलोरेडो जो अपने सुंदर वनो, पहाड़ों और ऊँचे मैदानों के लिए मशहूर है में प्रवेश किया। सूर्यास्त देखते हुए अंधेरा होने पर डुरंगो में जो होटल बुक किया था, वहां पहुंचे। हमेशा की तरह राजीव जी हमें पार्किंग में छोड़कर रिसेप्शन में फॉर्मेलिटी पूरी करने गए। गीता दित्या बहुत खुश हैं कि यहां पर इंडोर स्विमिंग पूल नजर आ रहा है। मैं हमेशा की तरह आने जाने वालों को देख रही हूँ। इतने में राजीव जी ने आकर बताया कि हमारी इस होटल में 2 दिन की बुकिंग नहीं है। उत्कर्षनी ने मेल दिखाई, दोनों ने पढ़ा। उत्कर्षिनी ने बुक करते समय गलती से अगले महीने पर टिक लगा दी थी। इतने लंबे प्रोग्राम में कहीं तो गलती हो ही जाती है। सीजन का समय है। राजीव जी फिर पूछने गए कि कोई व्यवस्था हो सकती है, सुइट्स की बजाय कमरे ही मिल जाएं । उत्कर्षनी भी फटाफट ऑनलाइन होटल ढूंढने लगी। राजीव जी ने आकर जवाब दिया, यहां बिल्कुल जगह नहीं है। इतने में उत्कर्षनी को होटल मिल गया। माइनस में टेंपरेचर है। हम बहुत खुश हुए और हम इस होटल चल दिए। राजीव जी फॉर्मेलिटी करके लौटे दो रूम बराबर के मिले। उन्हें खोला दो सुइट्स थे। बहुत बड़े और हर एक में डबल बेड के दो सेट लगे हुए। परेशानी और जल्दी में बुक करते समय फोटो में दो बैड नजर आए। जगह भी बहुत बड़ी। गीता दित्या अंदर भागती फिर रहीं हैं। बाहर कड़ाके की ठंड और यह कभी अपने कमरे में और कभी मम्मी पापा के कमरे में। कमरों का तो तापमान मेंटेन किया होता है लेकिन बाहर! राजीव जी ने अपने रूम में से आने नहीं दिया और उनकी पसंद का टीवी नहीं लगाया। अब जब यह मेरे पास आईं तो दुबारा नहीं गयीं। उन्हें ही आना पड़ता। 😃 अब टीवी देखते हुए शांति से सो गयीं। रात को अचानक कमरे में ठंडी हवा लगनी शुरू हो गई। मेरी नींद खुली, देखा दरवाजा खुला है। गीता अपने बेड पर नहीं है। एकदम बाहर आई। देखा गीता एक कप में पानी लेकर खड़ी है, दूसरे हथेली पर पानी है। फटाफट पकड़ कर अंदर खींचा तो बोली, " प्रयोग कर रही हूँ कि हाथ पर पहले बर्फ जमती है या कप में।"उसे डांटा अपने साथ लिटाया। अब समझ में आया कि रात को डबल बेड पर अकेली क्यूँ सोई थी। रात को ही इसने प्रयोग करने की योजना बना ली थी। घर में भी कुछ न कुछ प्रयोग करती ही रहती है। मेरे साथ सोती तो मैं इसे निकलने न देती। सुबह 5:00 बजे सूर्य उदय देखने जाना है। -5 डिग्री टेंपरेचर में, मैंने तो जाने से मना कर दिया। उत्कर्षनी राजीव जी देखेने गए हैं ।

क्रमशः

https://www.instagram.com/reel/DV5LslGgKwQ/?igsh=dWJ0OW5kNnZra2Vl