गीता को सादा दही खाना बिल्कुल पसंद नहीं है। रायता बहुत पसंद है, खासकर चुकंदर का गुलाबी रायता। हरी पत्तेदार सब्जियां भी मन से नहीं खाती है । उसे हरी सब्जियां खिलाने के लिए उत्कर्षनी तरकीबें निकालती है। एक यह तरकीब है
चुकंदर के पत्तों का रायता, यह भी गुलाबी रंग का बनता है और इस बहाने पत्ते भी खाए जाते हैं। बाजार के हरे पत्ते कितना साफ़ करो पकाने पर तो ठीक है, पर रायते में कच्चे पड़ते हैं, जिससे मन में वहम रहता है इसलिए उत्कर्षनी ने कुछ चुकंदर के पौधे लगाए हैं । कभी-कभी इसके पत्तों को तोड़कर अच्छी तरह से धोकर बारीक काटकर बिना कुछ डालें 1 मिनट के लिए माइक्रोवेव कर लेती है। ठंडा करके इन पत्तों को फेटे दही में मिला देती है। ऊपर से लाल मिर्च के बड़े-बड़े कैंची से टुकड़े करके, मिर्च, सरसों और करी पत्ते का छौंक लगाकर नमक, थोड़ा सा काला नमक मिला कर हरा गुलाबी रायता तैयार।
इस तरह उत्कर्षनी वर्टिकल गार्डनिंग (Vertical Gardening) का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करती है, जो कम जगह में पौधे उगाने का एक शानदार तरीका है।
चुकंदर (Beetroot): आप देख सकते हैं कि अलग-अलग परतों (tiers) वाले गमलों में चुकंदर के पौधे लगे हुए हैं।
उत्कर्षनी ने एक स्टैंड का उपयोग किया गया है जिसमें कई आयताकार गमले एक के ऊपर एक रखे गए हैं। वैसे यह सेटअप बालकनी या छोटे आंगन के लिए बहुत उपयोगी है।
सबसे ऊपर एक पानी की बोतल ( ड्रिप सिंचाई के लिए) जो पौधों को धीरे-धीरे पानी देने का एक जुगाड़ू तरीका है। जब कहीं घूमने जाती है तो इस तरीके से पानी का इंतजाम करके जाती है।
चुकंदर उगाना, उसके तरह-तरह के व्यंजन बनाना पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।
https://neelambhagi.blogspot.com/2020/11/beetroot-neelamm-bhagi.html
