महात्मा गांधी के 158वें जन्म दिवस पर सूर्या संस्थान, एवं विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान ने संयुक्त रूप से आयोजित 'गांधी और नशा मुक्ति‘ विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता के बाद सूर्या संस्थान के उपाध्यक्ष डाॅ. राम शरण गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने देश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए आह्वान किया कि नशे के विरूद्ध बड़े पैमाने पर जागरूकता के प्रयास होने चाहिए। अतुल प्रभाकर ने गांधी जी के जनजागरण सशक्तता, अधिकार के प्रति जागरूकता के प्रयासों को रेखांकित करते हुए एकता की शक्ति के महत्व पर बल दिया। संस्थान के मन्त्री देवेन्द्र मित्तल ने छोटे छोटे बच्चों से लेकर सुपर सीनियर नागरिकों तक में मोबाइल फोन पर लगे रहने की लत को भी नशे की संज्ञा देते हुए उनकी काउंसिलिंग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता जगाने के लिए संस्थान के आगे के कार्यक्रमो की रूप रेखा प्रस्तुत की। अन्य वक्ताओं, डाॅ. शोभा भारद्वाज और श्री कन्हैया लाल ने भविष्य में इस विषय पर संस्थान की योजनाओं में यथासंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। साथ-साथ सभा का सुचारू संचालन भी किया। डाॅ. राम शरण गौड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में युवाओं के अभिभावकों को अपने बच्चों पर ध्यान रखना होगा कि वह गलत संगति में न पड़ें।
मुख्य अतिथि राजकुमार नागर एडवोकेट ने सूर्या संस्थान के प्रयासो की प्रशंसा कर अभियान से जुड़ने की पेशकश की और संस्थान की संरक्षक सदस्यता ग्रहण की। संस्थान के पूर्व संरक्षक सदस्य श्री राम प्रकाश मावी जी ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर पूर्व प्रधान मंत्री लालबहादुर शास्त्री जी की स्मृति को भी नमन किया गया। उनकी सादगी पूर्ण जीवनचर्या के संदर्भ भी साझा किए गए।








