श्वेता कामकाजी महिला है फिर भी छुट्टी के दिन कुछ न कुछ स्पेशल बनाती हैं। बनाने के साधन भी अपने आप बदल लेती है। मसलन राजस्थानी दाल बाटी चूरमा। बाटी बनाने के लिए न उपले न कोयला। पर बहुत लज़ीज़ बनाया! मैं राजस्थानी थाली की मेकिंग देखती रही और वह बना रही थी। बाटी चूरमा बनाने में थोड़ी मेहनत लगती है पर टेस्ट कमाल का आता है।
बाटी
24 बाटी के लिए गेहूं का आटा 4 कप, सूजी 4 चम्मच
घी 8 चम्मच मोयन के लिए अजवाइन 1 चम्मच, नमक स्वादानुसार।
आटा, सूजी, नमक, अजवाइन और घी मिलाया । हाथ से मसला ताकि मोयन पूरे आटे में लग जाए। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथा और 15 मिनट ढककर रख दिया। फिर इस आटे के छोटे-छोटे गोले बाटी बनाये। बीच में हल्का गड्ढा बनाया ताकि अंदर तक सिके। अप्पे पैन को गैस पर रखा। इसमें अच्छी तरह घी लगाया और इसमें बाटी रख दी। पहले मीडियम फ्लेम पर इसमें बाटी रखी फिर फ्लेम को सिम कर दिया और बाटी पलट दी, इसमें थोड़ा-थोड़ा घी और डाल दिया। आंच बिल्कुल नहीं बढ़ानी , इससे बाटी अंदर तक सिक जाएगी और बहुत अच्छी तरह रोस्ट होगी। बाटी सिकने पर निकाली।
दाल
दाल बनाने के लिए चना दाल 1 कप, मूंग दाल 1/2 कप, उड़द दाल, 1/2 कप, 2 घंटा पहले भिगोकर रख दी थी। बाटी सिक रही थी। उसने तीनों दालें कुकर में, नमक हल्दी डालकर, कुकर बंद करके हाई फ्लेम पर रख दिया जैसे ही अच्छी तरह प्रेशर बना, फ्लेम सिम कर दी। 5 मिनट बाद गैस बंद कर दी और अपने आप कुकर की भाप खत्म होने पर उसे खोला। तड़के के लिए
टमाटर 2, हरी मिर्च 4, अदरक 1 इंच
जीरा 1 चम्मच, हींग चुटकी भर
हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, गरम मसाला, नमक
घी 3 चम्मच, हरा धनिया
घी गर्म करके जीरा, हींग डाला । बारीक कटा अदरक, हरी मिर्च, टमाटर डालकर भूना। तड़के ने घी छोड़ दिया तो इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च और गरम मसाला डालकर मिला दिया और दाल में डाला । ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डाल दिया।
चूरमा
चूरमा बनाने के लिए 6 बाटियां मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लिया, बाटी पाउडर को कढ़ाई में डाला और चार-पांच चम्मच अपनी पसंद के अनुसार घी डालकर, लगभग 4 से 5 मिनट तक भूना फिर गैस बंद करके मेवा, इलायची पाउडर, एक कप पीसी चीनी डालकर अच्छी तरह मिला दिया।
पतले लोग गरम बाटी को बीच में तोड़कर ऊपर से घी डालकर खा सकते हैं😃
साथ में दाल, चूरमा, हरी चटनी और प्याज 👍




