Search This Blog

Friday, 15 May 2026

अमेरिकन एयरलाइंस का सराहनीय काम! Great work by American Airlines ! Neelam Bhagi नीलम भागी

 


प्लेन से बाहर आते ही अटेंडेंट अरुण ने मेरा पासपोर्ट और बोर्डिंग पास ले लिया। अब मुझे तो कुछ करना नहीं था। सब फॉर्मेलिटी वगैरहा वह करवाता रहा और हम इमीग्रेशन से बाहर आए। सब कुछ इतनी जल्दी हो गया कि लगेज बेल्ट पर हम सबसे पहले पहुंच गए। जब मेरा लगेज़ आया तो छोटा लगेज़ मेरा डैमेज़ था। जिसे देखकर मेरा मन खराब हो गया। मेरा मूड खराब देखकर और उसको कार्ट पर रखते हुए, वह बोला, "अरे आपका तो लगेज़ डैमेज हो गया। अा पने कंप्लेंट करनी है? मैंने जवाब दिया, "उससे क्या होगा?" मन में सोचने लगी बहुत यात्राएं करती हूँ। कई बार लगेज़ डैमेज हुआ है। उस समय जल्दी में उठा लेती, घर जाकर गुस्सा आता, कुछ समय बाद मेल करती, फोटो भी लगाती। जवाब आता इस तरह कि अब आप लेट हो गए हो। न जाने क्या-क्या याद भी नहीं है। यहां अरुण ने जवाब दिया,"आपको थोड़ी देर में दूसरा मिल जाएगा।" और मुझे शिकायत के काउंटर पर ले गया, वह जिसने अटेंड किया, मुझे नाम नहीं याद आ रहा है। उसने कहा, " 20 से 25 मिनट के बीच में, आपको दूसरा मिल जाएगा और उसने अपना काम शुरू कर दिया। मेरा पासपोर्ट वगैरह लिया, फॉर्म सा भरा। यहां दो-तीन लोग और आए उसने सबको रोक लिया। सबके लिए फॉर्म भरने लगा। कुछ देर में लगेज़ आ गए। हमें कुछ दूर ले जाकर, मुझे मेरे बैग के साइज का वैसा ही काले रंग का लगेज दिया, बस ब्रांड का फर्क था, मेरे में एक गोल्डन सुंदर सा सितारा लगा हुआ था जो इसमें नहीं था। उसने    कहा, " अपना सामान इसमें रखिए और डैमेज लगेज, हमें दीजिए।" मेरे लगेज पर न तो ताला था, न कोई ऐसा वैसा सामान था। अरुण ने ही मेरा बैग बदल दिया। अब मेरा मूड अच्छा हो गया। बाकी लोगों का भी चेहरा खिल गया। अमेरिकन एयरलाइंस की सुखद यात्रा की, अगर उनसे लगेज डैमेज हुआ तो उसी समय दूसरा मिल गया! बाहर अंकुर मेरा इंतजार कर रहा था। अरुण ने मुझे अंकुर को हैंडोवर किया और हम अपने घर चल दिए।