जगदीश इलेक्ट्रीशियन किसी के घर में काम करने गया। जैसे ही वह घर में घुसा, सामने खड़ी महिला से उसने पूछा, " क्या काम है? "महिला ने सामने बोर्ड की तरफ इशारा करके कहा," इसमें कोई कमी है, एमसीबी काम नहीं कर रहा है।" जगदीश काम करने के लिए जैसे ही बोर्ड को छूने लगा, महिला जोर से चिल्लाई, " अरे अरे! चप्पल उधर उतार कर आओ, चप्पल पहनकर नहीं। जगदीश बोला, "मैं तो चप्पल नहीं उतारता हूं।" महिला ने पूछा, " क्यों?" जगदीश ने जवाब दिया," मेरे धर्म में चप्पल नहीं उतारते। मेरे उस्ताद ने मुझे यही समझाया है।" महिला बोली, "तुम्हारा कौन सा धर्म है, जिसमें चप्पल नहीं उतारते।" जगदीश ने जवाब दिया, "मेरे धर्म का नाम है, 'इलेक्ट्रीशियन' और मैं अपने धर्म के अनुसार नहीं चलूंगा तो बुरा हो जाता है।" सुनते ही महिला ने जवाब दिया, "यह धर्म तो मैंने कभी सुना नहीं, पर भैया जैसे तेरा दिल करे, तू काम कर ले। गर्मी के मारे बुरा हाल है।"



