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Monday, 29 June 2026

रोज़मेरी मच्छर भगाएं Repel mosquitoes with rosemary. Neelam Bhagi नीलम भागी

 


ये सुई जैसी पत्तियों वाला 2-3 फुट की झाड़ी वाला खुशबूदार पौधा है। इसकी पत्ती मसलो तो हाथ महक जाएगा। इसके फूल हल्के नीले-बैंगनी, बहुत छोटे होते हैं। इन पर मधुमक्खी बहुत आती है।

आलू, चिकन, मटन, ब्रेड, फोकैचिया में 1 टहनी डाल दो, टेस्ट 10x बढ़ जाएगा। इटैलियन खाने की यह जान है

गमले में लगा दो तो मच्छर, मक्खी दूर रहते हैं। एंटी-बैक्टीरियल भी है।

यह ज्यादा देखभाल नहीं मांगता, बस पानी फालतू नहीं चाहिए। दिन की 6-8 घंटे तेज धूप चाहिए। इसके लिए बालकोनी और छत बेस्ट है। लॉस एंजेलिस में मैंने देखा यहां घरों के बाहर बाउंड्री नहीं होती लेकिन कई जगह रोज मेरी खूब लगी हुई है। उत्कर्षनी कई बार इसका गमला खरीद के लाई पर इसका पौधा नहीं चला। कारण इसको ज्यादा पानी नहीं देना, दित्या सब पौधों में पानी लगा देखकर, इसको ऊपर से सूखा देखकर, इसमें ज्यादा पानी दे देती। जब ऊपर की 1 इंच मिट्टी सूख जाए तभी पानी देते हैं। यह कटिंग से भी लगता है। उत्कर्षनी जैसे ही नया गमला खरीद कर लाई। मैंने उसमें से काट के नीचे के पत्ते उतार कर टहनी को पानी में रख दिया। 15 दिन बाद जड़ आ गई तो उन्हें दूसरे गमले में लगा दिया। मिट्टी 50% मिट्टी + 30% रेत + 20% गोबर खाद मिट्टी को भुरभुरी रखो। एक बार लगा लो तो 10-15 साल चलता है। किचन + मेडिसिन + गार्डन तीनों का राजा है। ऊपर से 4-5 इंच की टहनी काटते रहो। जितना काटोगे, उतना घना होगा।

Sunday, 28 June 2026

ऑटोमेटिक कार की धुलाई Automatic car wash Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


अमेरिका में धूल मिट्टी तो होती नहीं है इसलिए गाड़ी साफ़ रहती है। पर कभी-कभी धुलवाते हैं। हम Castaic Lake State Recreation Area लॉस एंजेलिस में गए। 15 डॉलर प्रति गाड़ी पार्किंग थी। पार्किंग एरिया में चारों ओर पेड़ भी थे । राजीव जी ने पेड़ के नीचे गाड़ी खड़ी की थी। शाम को जब गाड़ी में बैठे तो उसकी छत पर पक्षियों की बिठें सूख गई थी। अगले दिन दित्या को स्कूल छोड़ने के बाद गाड़ी वॉश के लिए  गए। उत्कर्षनी का फोन आया, " ब्रेकफास्ट तैयार है उसकी मीटिंग है हम खुद ले ले।" मैंने सोचा कि पता नहीं कितनी देर लगेगी। उसे बताया कार वॉश के लिए गए हैं। उसने जवाब दिया कि 10  मिनट में ऑटोमेटिक धुलाई होती है। सच में 10 मिनट लगे। कोई विशेष निशान होता है तब उस पर थोड़ा सा मैन्युअल काम कर देते हैं। रगड़ कर साफ कर लेते हैं। कुछ कमी रह गई हो तो आखिर में ऊपर कपड़ा मार दिया जाता है। मतलब आपको गाड़ी एकदम लक-दक करती मिलेगी। नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके आप भी देखिए।

https://www.instagram.com/reel/DaGYDptSttw/?igsh=MWNxazUwZ3ZxMXVxcA==

Friday, 26 June 2026

हरी घास पर चलना! Walking on green grass! Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


लॉस एंजेलिस में जहां भी खाली जगह देखी फुटपाथ आदि पर वहां कालीन की तरह घास देखने को मिलती है। मैंने उत्कर्षनी से कहा कि घास पर नंगे पांव चलने से आंखों की रोशनी अच्छी होती है और चश्मा भी उतर जाता है, ऐसा मैं बचपन से सुनती आई हूं। उसने जवाब दिया, " यहां किसी को अापने घास पर चलते हुए देखा है! नहीं न! यहां हरी भरी घास देखकर ही आंखों को सुकून मिलता है। हरियाली देखकर मन ताज़गी से भर जाता है। अमेरिका प्रवास में देखा वहां कोई भी घास पर नहीं चलता। अगर कहीं भी फुटपाथ के पास कुछ मिनट के लिए गाड़ी पार्क की है और किसी को सोसाइटी में जाना है तो फुटपाथ की घास के बीच में कंक्रीट या पत्थरों से जाने के लिए रास्ता बनाया होता है। जिस पर आपके कदम आएंगे और आसपास की घास पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि कोई भी घास को नहीं रोंधता। फुटपाथ पर जो पेड़ भी लगे हैं, उसके चारों ओर, कम से कम 1 मी का घेरा थोड़ा सा नीचे है बाकी घास तो है ही। लोगों को मैंने घास को रोंधते हुए, जाते नहीं देखा है। किसी को टोकने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। बारिश आती है, यहीं पर पानी समा जाता है इसलिए जल भराव कहीं नहीं देखा। बरसात आने वाली है। देखो हमारा वर्षा का जल नालियों में व्यर्थ जाता है या भूजल स्तर पर प्रभाव डालता है।

https://www.instagram.com/reel/DaEhyjxy7Ud/?igsh=bnNuMDFpOTFvbnEz






Thursday, 25 June 2026

नए शरबत का ईजाद , पंजाबी विकास मंच द्वारा Invention of a new sherbet by the Punjabi Vikas Manch. Neelam Bhagi नीलम भागी

 

मेरे दिमाग में हमेशा एक प्रश्न उठ खड़ा होता था कि देश दुनिया में बहुत बड़े-बड़े आविष्कार हुए हैं। हमारे देश में भी कुछ कम नहीं हुए। हम भारतीयों ने अपनी प्रतिभा का उपयोग तरह-तरह की मिठाइयां, नमकीन और शरबत बनाने में किया है, जिसमें हम अव्वल हैं। जितने साल में दिन होते हैं, उतने ही हमारे यहां व्यंजन है। अब देखिए न पंजाबी विकास मंच द्वारा निर्जला एकादशी और गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर शरबत की छबील लगाई जाती है। मेंबर खूब सेवा देते हैं। ऐसे में सविता अरोड़ा जिस समय आती हैं, उनके हाथ में एक टैप डिस्पेंसर आम के पन्ने का भरा होता है, साथ में वह ढेर सारे नींबू और अपने हाथ से बनाया शिकंजी मसाला लेकर आती हैं। मीठे शरबत को पीने और बरताने से मेंबर अघाय होते हैं। भीषण गर्मी में जिस प्रकार राहगीरों को छबील से ठंडा मीठा शरबत पीकर आनंद मिलता है। उसी प्रकार सविता जी का बनाया आम का पना पीकर मेंबरों में और एनर्जी आ जाती है। यह पना जल्दी खत्म हो जाता है फिर सविता जी शिकंजी बनाना शुरू करती हैं। इस बार सामूहिक सलाह से एक नया पेय पदार्थ बन गया। पढ़ने के बाद पाठक इसका नाम रखें। संजीव पुरी ने नींबू निचोड़े, संजय खत्री ने चीनी घोली, सविता जी के निर्देशन में, उन्होंने शिकंजी मसाला मिलाया। जैसे ही सविता जी ने कहा, " शिकंजी तैयार है।" दीपक विज बोले, "इसमें शरबते रूह अफजा( कई तरह के शरबत थे जो जुबां पर चढ़ा वही बोला) मिलाओ। सविता जी दलीलें  दे रहीं कि  शिकंजी में कौन शरबत डालता है भला! असी ता कदि नई सुनिया। आज तक कदी नहीं पाया। लो करलो गल! कुछ महिलाएं हंस रही, कुछ कह नहीं डालो क्योंकि शिकंजी तो ऐसी ही बनती है। पंजाबी विकास मंच में सबको बोलने की छूट है। इस पर  फिर डिबेट चली। मैंने कहा" कुछ नया करने में क्या हर्ज है! करके देख लो। फिर दीपक जी के कहने पर संजीव पुरी ने शरबत की बोतल शिकंजी में पलट दी तो गुरिंदर बंसल जी ने घोल दिया। संजय खत्री ने मुझे स्वाद चखने को दिया। एक ही शरबत में मीठा, नमकीन, खट्टा गज़ब का बैलेंस था। इस प्रकार इस छबील में एक नए लाजवाब स्वाद का शरबत ईजाद हुआ। 😄

https://www.instagram.com/reel/DaAt1JeAUSS/?igsh=MXVvemdjaGV5bzM4Ng==

https://www.instagram.com/reel/DZ0CZEUAtvH/?igsh=MW5mdnI5cDh3N2FybA== 




Wednesday, 24 June 2026

हंटिंगटन जापानी गार्डन "The Huntington Japanese Garden San Marina California Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास



चाइनीस गार्डन के रेस्टोरेंट में खाने का आर्डर दिया हुआ था। राजीव जी दिखाई नहीं दिए, थोड़ी देर में आए आते ही बोले, "अरे! जैपनीज गार्डन इतना खूबसूरत वहाँ उतनी ही लाजवाब खुशबू  है।" अब बैठकर खाने में समय खराब लगने लगा इसलिए ऑर्डर लिया। और हमने जापानी गार्डन में चलते चलते ही खाया और गीता दित्या को खिला रहे थे । पानी में रंग बिरंगी मछलियां देखते ही, दोनों  खाना भूल कर भाग गयीं। आप भी नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके देखें. उत्कर्षनी बोली, " दित्या को पकड़ो नहीं तो मछलियों के पीछे पानी में कूद जाएगी।" हंटिंगटन जापानी गार्डन, ये अमेरिका का सबसे खूबसूरत जापानी बगीचों में से एक है।

  यहां की खुशबू,  शांति/Zen वाइब!! सबसे शांत और zen एरिया माना जाता है। भीड़ भी कम रहती है।

तालाब + पुल, जापानी स्टाइल के ब्रिज, छोटी बिल्डिंग, तालाब देखने लायक हैं। फोटो के लिए बेस्ट जगह है।

बोनसाई कलेक्शन लाजवाब है।"Amazing world of Bonsai"  बोनसाई  का असाधारण कलेक्शन है। यहां सैकड़ों साल पुराने बोनसाई रखे हैं। ये "The Huntington Library, Art Museum and Botanical Gardens" Ginza Dr, San Marino, CA 91108, USA का हिस्सा है। Huntington 120 एकड़ में है जिसमें से  49 हेक्टेयर गार्डन हैं। इसमें Japanese Garden,  इसे Henry E. Huntington ने 1919 में बनवाया था। ये सिर्फ बगीचा नहीं, "collections-based research and educational institution" है। यहां जापानी कल्चर, बोनसाई की कला, साइंस दोनों दिखती है। शांति, बोनसाई, तालाब - एकदम क्योटो वाली फील।  यह Pasadena के पास है, पर तकनीकी रूप से San Marino शहर में पड़ता है।  

https://www.instagram.com/reel/DZ9eeQBxsLS/?igsh=OG5zMHE4dmxyaHBv





Tuesday, 23 June 2026

' ब्लड' चुकंदर किचन गार्डन में शोपीस जैसा लगता है 'Blood beetroot looks like a showpiece in the kitchen garden. Neelam Bhagi Migration to America

ये गहरे लाल-बैंगनी रंग के पौधे ' ब्लड' (Blood) beetroot चुकन्दर नाम की एक पारंपरिक चुकंदर (Beetroot) की किस्म हैं। हम इसे 'लाल पत्ता चुकंदर' कहते हैं।  इसके गहरे लाल-बैंगनी रंग के पत्ते और डंठल होते हैं। यह पौधा सीधा बढ़ता है।

इसके पत्तों का उपयोग मुख्य रूप से सलाद में 'बेबी लीफ' या 'स्प्रिंग मिक्स' के तौर पर किया जाता है। ये पत्ते न केवल दिखने में आकर्षक होते हैं बल्कि खाने में भी स्वादिष्ट होते हैं। '' लाल पत्ता चुकंदर"  ठंडे मौसम में अपना सबसे बेहतरीन गहरा रंग प्रदर्शित करता है।

चुकंदर के ये पत्ते विटामिन A से भरपूर होते हैं, जो आँखों की सेहत और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।

ये चुकंदर की सबसे डार्क, सबसे "शाही" वैरायटी है।

पत्ते भी गहरे लाल-जामुनी और सलाद में यूज होते हैं। पत्ता मीठा, कम मिट्टी वाला फ्लेवर, कच्चा खाने में बेस्ट  होता है। इसका साइज टेनिस की बाल जितना होता है।

उगाने का तरीका चुकंदर जैसा है। नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। छोटा साइज होने के कारण 6 इंच के गमले में उग जाता है और माइक्रो ग्रीन 20 दिन में तैयार हो जाते हैं। इसे सैंडविच में डाल सकते हैं। बड़े पत्ते स्मूदी, जूस, सूप में डालने से गहरा लाल रंग आ जाता है। "Beetroot Latte" इसी से बनती है। विटामिन A, K  से भरपूर यह पौधा सितंबर अक्टूबर में  उगाना बेस्ट है क्योंकि यह सर्दी सह लेता है। कम जगह घेरने के कारण उत्कर्षनी ने गमले में लगा रखा है हरे पत्तों के बीच में लाल पत्ते बहुत सुंदर लगते हैं।

https://neelambhagi.blogspot.com/2020/11/beetroot-neelamm-bhagi.html

Monday, 22 June 2026

तारीफ़ तो होनी ही चाहिए न! It certainly deserves praise, doesn't it? पंजाबी विकास मंच नोएडा Neelam Bhagi

 


मैंने कई बार देखा है जब भी छबील लगाई जाती है तो कहीं-कहीं स्टील या प्लास्टिक के गिलास होते हैं। पिलाने वालों में बड़ा जोश होता है। वह सड़क पर लोगों को रोक कर शरबत पिलाते हैं और फुर्ती से शरबत से ही गिलास धो देते हैं और अगले व्यक्ति को पिलाते हैं, जिससे सड़क पर कीमती शरबत का अगर गड्ढा हो तो छोटा सा तालाब बन सकता है। पर गर्मी अधिक होने के कारण सड़क गीली ही रहती है। ऐसे में छबील के बाद गिलासों के ढेर तो नहीं नज़र आते पर शरबत बहुत बर्बाद होता है। पंजाबी विकास मंच द्वारा लगाई छबील के बाद कभी एक गिलास भी सड़क पर दिखाई नहीं देता है। कागज के गिलास होते हैं, जिन्हें अलग इकट्ठा किया जाता है। डस्टबिन के होते हुए भी कुछ लोग गिलास सड़क पर फेंकते हैं। जिन्हें बाद में इकट्ठा कर लिया जाता है। जो कूड़े वाले खुशी से रिसायकल के लिए ले जाते हैं। छबील बहुत व्यस्त जगह पर लगती है। किसी का समय खराब न हो इसलिए काउंटर बहुत बड़ा लगाया जाता है और पिलाने वाले भी पंजाबी विकास मंच के बहुत मेंबर होते हैं। जो लोग अपनी सवारी से नहीं उतरते हैं उन्हें वहां जाकर पिलाया जाता है। सबसे अच्छी बात मुझे यह लगी है कि आजकल ज्यादातर लोगों के पास पानी की बोतल रहती है , उन लोगों ने गिलास इस्तेमाल नहीं किया। अपनी बोतल में पिया और फिर बोतल भरवाली। बोतल भरने के लिए फनल कीप रखी हुई थी, जिससे शरबत गिरा नहीं और सबसे अच्छी बात मुझे यह लगी 20 लीटर के जार tap despenser रखे थे जिससे लोग लगातार शरबत से बोतल भर रहे थे।

 यहां सेवा कम करनी पड़ रही थी, बाल्टी से जार भरना होता था। जो शरबत बरताने की सेवा करते हुए थक जाते थे, वह थोड़ा रेस्ट करते और दूसरे लोग सेवा देते इसलिए लगातार सेवा चल रही थी किसी को इंतजार करना नहीं पड़ रहा था। 👍

https://www.instagram.com/reel/DZ0CZEUAtvH/?igsh=MW5mdnI5cDh3N2FybA==



Sunday, 21 June 2026

बच्चों के हीरो कौन! Who are the heroes for children! Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


गीता स्विमिंग की प्रैक्टिस से आई और आते ही बोली, " पापा हमारी क्रिसमस की छुट्टियों से पहले स्विमिंग क्लास में पार्टी है। जिसमें पेरेंट्स का भी कंपटीशन होगा। मैंने आपका नाम लिखवा दिया है। उसने पापा से पूछने की तो जरूरत ही नहीं समझी! क्योंकि बच्चों के लिए उनके पापा हीरो होते हैं जो सब कुछ कर सकते हैं। बेटी की बात सुनते ही राजीव जी बोले, " गीता मैं स्विमिंग जानता हूं पर प्रतियोगिता वगैरा तो मैंने कभी की नहीं। जैसे और लोग जानते हैं वैसे मैं जानता हूं। अब बेटी ने कहा तो तैरना तो पड़ेगा।" गीता काँस्य पदक ले चुकी है अब सिल्वर मेडल की तैयारी के लिए शाम को 2 घंटा प्रेक्टिस करने जाती है। उस दिन प्रैक्टिस के बाद पेरेंट्स का मुकाबला होगा और पार्टी। उत्कर्षनी को स्विमिंग नहीं आती वो बच गई। सर्दी में ओपन पूल में शाम को गीता का प्रेक्टिस करना, मुझे ही पानी में उतरे बिना कपकपा देता है। पर हम जब गीता को लेने जाते हैं तो इतने तैराक बच्चों को आते जाते देखकर, मेरा मन शांत हो जाता है। यह सोचकर कि इसीलिए अमेरिका ओलंपियाड में सबसे ज्यादा मैडल लेता है। सर्दी में जब गीता प्रैक्टिस के बाद गाड़ी में बैठती है तो उसने गर्म गाउन पहना होता है और गाड़ी में हीटर चला दिया जाता है। लेकिन उस दिन अपनी स्विमिंग करके गीले स्विम सूट के ऊपर गर्म गाउन ही पहन कर बाल भी गीले, लॉस एंजेलिस में खूब हवा चलती है दिसंबर में तो और भी ठंडी। गीता और दित्या अपने पापा की लेन के सामने खड़ी हो गयीं। जैसे ही प्रतियोगिता शुरू हुई राजीव जी पानी में तेज तेज हाथ चला रहे थे। गीता दित्या उन्हें उत्साहित करने के लिए हाथ भी चल रही थी बाहर खड़ी और शोर भी मचा रही थीं। प्रतियोगिता खत्म होने पर चेंज करके राजीव जी आए। मैंने राजीव जी से पूछा, " पानी गर्म होता है? " वे बोले, " नहीं। पानी में उतर कर पता चला कि गीता ठंडे पानी में और ओपन पूल में प्रैक्टिस करती है।" बेटी ने कहा तो लॉस एंजेलिस में 12 महीने गर्म पानी से शॉवर लेने वाले पापा ने तुरंत उसकी बात मान ली और तैराकी प्रतियोगिता में उतर गए। हैप्पी फादर डे 😄   



Saturday, 20 June 2026

पंजाबी विकास मंच द्वारा निर्जला एकादशी और गुरू अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया Nirjala Ekadashi and the Martyrdom Day of Guru Arjan Dev Ji were observed with reverence by the Punjabi Vikas Manch.

 


*'Unity, Strength and  Pawer * जय माता  दी।

सत श्री अकाल ।।

पंजाबी विकास मंच ने आज 20/06/2026 को  निर्जला एकादशी और गुरू अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया।

   हिंदू धर्म में 24 एकादशियों का बहुत महत्व है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इसकी कथा में हिंदू धर्म की बहुत बड़ी विशेषता है कि वह सबको धारण ही नहीं करता है, सबके योग्य नियमों की लचीली व्यवस्था भी करता है। महर्षि वेदव्यास ने पाडंवों को एकादशी व्रत का संकल्प कराया तो भीम ने कहा,’’पितामह इसमें  प्रति पक्ष एक दिन के उपवास की बात कही है। पर मैं तो एक समय भी भोजन के बगैर नहीं रह सकता। मेरे पेट में ’वृक’ नाम की जो अग्नि है उसे शांत रखने के लिए मुझे कई लोगों के बराबर और कई बार भोजन करना पड़ता है। क्या अपनी उस भूख के कारण मैं एकादशी जैसे पुण्य व्रत से वंचित रह जाऊंगा?’’ यह सुनते ही महर्षि ने भीम का मनोबल बढ़ाते हुए कहा,’’आप ज्येष्ठ मास की निर्जला नाम की एकादशी का व्रत करो। तुम्हें वर्ष भर की एकादशियों का फल मिलेगा।’’ इस एकादशी पर ठंडे र्शबत की जगह जगह छबीलें लगाई जातीं हैं। जिसे पीकर भीषण गर्मी में राहगीरों को बड़ी राहत मिलती है। स्वयं निर्जल रह कर जरुरतमंद या ब्राह्मणों को दान दिया जाता है।

     सिख समुदाय में गुरु परंपरा के पाँचवें गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस उनकी शहादत को याद करने के लिए मनाते हैं। गुरु अर्जुन देव जी सिख धर्म के पहले शहीद हैं। इन्होंने धर्म के लिए अपनी शहादत दी। इनके शहीदी दिवस पर जगह जगह ठंडे र्शबत की छबीलें लगाई जाती हैं। गुरु जी ने सिखों को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित किया।

  आज 20जून 2026, को निर्जला एकादशी और गुरू अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में सेक्टर 55 की बाहरी मेन रोड पर, सेक्टर 22 नौएडा के सामने 11 बजे से दोपहर 2.30 तक पंजाबी विकास मंच द्वारा ठंडे शरबत की छबील का आयोजन किया गया। यह विशाल कार्यक्रम इकोफ्रैंडली था। कागज के गिलासों का उपयोग किया गया। डस्टबिन की व्यवस्था थी। छबील का उद्घाटन दीपकविग, जे॰एम॰ सेठ, एस पी कालरा,जी के बंसल, संजीव पूरी ओर हरीश सभरवाल ने रिबन काट कर किया।  इस पावन पर्व पर , दीपक विग,जी.के. बंसल, संजीव पुरी,जे ऐम सेठ,ओ पी गोयल,ऐस पी कालरा,अमरदीपशाह, हरीश सबरवाल,, सुनील वाधवा,वंदना बसंल, अलका सूद, सविता अरोड़ा, नीलम भागी, अंजना भागी, प्रभा जयरथ , ऋतु दुग्गल,एस॰एस॰सचदेवा , सरोज भाटिया,संजय खत्री,अजय साहनी, सुमीत कोहली,अमरजीत कौर , शरण चौहान,योगीराज,आर के भट्ट,लक्ष्मी नारायण मंदिर महिला मंडल की सदस्यों निर्मल हांडा, मंजू सेठ आदि ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस कार्यक्रम में पंजाबी विकास मंच के समस्त सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।

प्रेषक.....

दीपक विग (चेयरमैन -  पंजाबी विकास मंच)8130365436

जीके बंसल (अध्यक्ष - पंजाबी विकास मंच)।                   जे ऐम सेठ ( सरंक्षक व मीडिया प्रभारी )

https://www.instagram.com/reel/DZ0CZEUAtvH/?igsh=MW5mdnI5cDh3N2FybA==

     






Thursday, 18 June 2026

कंक्रीट के ऊंचे घेरे (tree guard) के अंदर लगा पेड़ A tree planted inside a tall concrete tree guard. Neelam Bhagi

 


एक पेड़ को, जिसे कंक्रीट के ऊंचे घेरे (tree guard) के अंदर लगाया गया है। यह सीमेंटेड ढांचा अक्सर फुटपाथों पर पेड़ों को सुरक्षा देने और मिट्टी को बहने से रोकने के लिए ऐसा बनाया जाता है।

घेरे के अंदर कूड़ा-कचरा जैसे प्लास्टिक के रैपर और बोतलें कुछ लोग डाल देते हैं। जोकि डस्टबिन में डालने चाहिए।

कंक्रीट का यह घेरा कई बार पेड़ के तने के काफी करीब होता है। अगर पेड़ के बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह न छोड़ी जाए, तो इससे उसकी जड़ों और विकास को नुकसान पहुँच सकता है। इस घेरे में अगर नाली बना दी जाए तो बरसात का पानी, इस घेरे में जाकर जमीन में समा जाएगा न कि उसके आसपास जमा होकर कीचड़ में तब्दील होगा।

https://www.instagram.com/reel/C5ynkasPv3U/?igsh=MWM2Ymo3b3c3OHYzZA==



Wednesday, 17 June 2026

अनोखे वर्टिकल गार्डन का आईडिया Unique vertical garden idea Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


लॉस एंजेलिस में एक स्टोर की बाउंड्री वॉल पर वर्टिकल गार्डन दिखा। जो देखने पर एकदम आकर्षित करता है लेकिन बनाने में बहुत सिंपल है पर बहुत सुंदर! बाउंड्री वाल की जो सीधी ग्रिल है, उसमें लकड़ी के फट्टों से बॉक्स बनाये हुए हैं। उनके अंदर पॉटिंग मिक्स भरा हुआ है। उसमें लगने वाली ऐसी जरूरी चीजे हैं, जिनकी सब्जियों, सॉस, सूप आदि में  जरूरत पड़ती है। देख कर मन खुश होता है और जिसके लिए एकदम बाजार नहीं जाना पड़ेगा। कई तरह की हर्ब्स हैं। मसलन तरह-तरह के मिंट पोदीना, रोजमेरी टमाटर, चेरी टोमाटो, शिमला मिर्च, सलाद पत्ता आदि। जो वहां के खाने में इस्तेमाल होती हैं। जिसने भी उसे बनाया है, बहुत सुंदर आईडिया दिया है। पौधों को सहारा देने के लिए सीधी सिंपल ग्रिल के रॉड है। मैंने तस्वीर ले ली है और आपके साथ शेयर कर रही हूं। जो भी वहां गाड़ी पार्क करता है, उसका वहां पर ध्यान जरूर जाता है। उसको देख कर उत्कर्षनी ने अपने घर में काफी हिस्से में वर्टिकल गार्डन कर लिया है। जबकि उसके घर में बाउंड्री वॉल नहीं है 😃 उसे भी आपके साथ शेयर करूंगी।








Tuesday, 16 June 2026

हरियाली वाली Central Verge सबसे बेस्ट, A central verge with greenery is the best. Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


सेंट्रल वर्ज सीधे शब्दों में सड़क के बीच वाली पट्टी को कहते हैं और इसके कई नाम हैं जैसे Central Verge = डिवाइडर / मीडियन / रोड डिवाइडर / बीच की पट्टी को कहते हैं। जब 4 लेन या 6 लेन की सड़क बनती है, तो आने वाली गाड़ियों और जाने वाली गाड़ियों को अलग करने के लिए बीच में जो जगह छोड़ते हैं, उसे Central Verge बोलते हैं। इसके बहुत फायदे हैं मसलन एक्सीडेंट रोकती है। सामने से आने वाली गाड़ी भटककर आपकी लेन में न आए। इसके कारण टक्कर 90% कम हो जाती है। ड्राइवर को लगता है सड़क तंग है, तो स्पीड अपने आप कम हो जाती है। जिससे रफ्तार कंट्रोल में रहती है। सड़क के बीच में जगह मिलती है। इसी पट्टी में लाइट के खंभे, साइन बोर्ड, पेड़ लगाते हैं। जो सड़क पर जगह नहीं घेरते हैं। यह कई तरह से बनाई जाती है।

कंक्रीट/ग्रेनाइट डिवाइडर सेंट्रल वेर्ज यह मजबूत और इसकी मेंटेनेंस कम होती है। अगर टक्कर लगे तो गाड़ी उछलती है। मेटल क्रैश बैरियर Central Verge हाईवे पर होती है। टक्कर लगे तो मुड़ जाता है, गाड़ी का नुकसान कम करता है।

हरियाली वाली वेर्ज खूबसूरत होती है इसके बीच में मिट्टी + घास + पेड़ लगे होते हैं। यह  सबसे बेस्ट Central वेर्ज होती है। इसके कारण धूल कम होती है। देखने में सुंदर लगती है, गर्मी भी कम करती है। अमेरिका में मुझे हरियाली वाली सेंट्रल वेर्ज ही दिखाई दीं। क्योंकि   हरियाली वाली Central Verge "शहरी जंगल" बन जाती है। 

https://www.instagram.com/reel/DZu3RrrgXOk/?igsh=aHRqcm9lNDhyZ3No



Monday, 15 June 2026

तुम्हारा कौन सा धर्म है? What is your religion? Neelam Bhagi नीलम भागी

 

जगदीश इलेक्ट्रीशियन किसी के घर में काम करने गया। जैसे ही वह घर में घुसा, सामने खड़ी महिला से उसने पूछा, " क्या काम है? "महिला ने सामने बोर्ड की तरफ इशारा करके कहा," इसमें कोई कमी है, एमसीबी काम नहीं कर रहा है।" जगदीश काम करने के लिए जैसे ही बोर्ड को छूने लगा, महिला जोर से चिल्लाई, " अरे अरे! चप्पल उधर उतार कर आओ, चप्पल पहनकर नहीं। जगदीश बोला, "मैं तो चप्पल नहीं उतारता हूं।" महिला ने पूछा, " क्यों?" जगदीश ने जवाब दिया," मेरे धर्म में चप्पल नहीं उतारते। मेरे उस्ताद ने मुझे यही समझाया है।" महिला बोली, "तुम्हारा कौन सा धर्म है, जिसमें चप्पल नहीं उतारते।" जगदीश ने जवाब दिया, "मेरे धर्म का नाम है, 'इलेक्ट्रीशियन' और मैं अपने धर्म के अनुसार नहीं चलूंगा तो बुरा हो जाता है।" सुनते ही महिला ने जवाब दिया, "यह धर्म तो मैंने कभी सुना नहीं, पर भैया जैसे तेरा दिल करे, तू काम कर ले। गर्मी के मारे बुरा हाल है।"





Sunday, 14 June 2026

नोएडा लोकमंच की नई स्वास्थ्य पहल: मात्र 30 रुपये में नेत्र जांच एवं 100 रुपये में दंत उपचार की सुविधाNoida Lokmanch's New Health Initiative: Eye Check-ups for Just ₹30 and Dental Treatment for ₹100

 




नोएडा शहर के सेक्टर-12 स्थित निःशुल्क दवा बैंक एवं चिकित्सा केंद्र एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। जहां बढ़ते स्वास्थ्य व्यय आमजन की चिंता का विषय बने हुए हैं, वहीं नोएडा लोकमंच के स्वास्थ्य प्रकल्प ने एक अनूठी पहल करते हुए मात्र 30 रुपये में नेत्र जांच तथा मात्र 100 रुपये में दांत भरवाने अथवा निकलवाने की सुविधा प्रारंभ की है। यह सेवा केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है।

इस सेवा का शुभारंभ पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा तथा भाजपा नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सच्ची सेवा वही है, जो जरूरतमंद व्यक्ति तक न्यूनतम लागत पर पहुंचे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि नोएडा लोकमंच पिछले तीन दशकों से गरीब, मजदूर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों की सेवा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का लक्ष्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि भविष्य में एक चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना करना है, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य प्रकल्प के इस योजना के CSR पार्टनर सक्षम चेंज मेकर एवं इन्फोसिस फाउंडेशन के अध्यक्ष ऋषि प्रताप सिंह ने नेत्र चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा के इस शुरुआत को शहर के जरूरतमंदों के लिए बहुत लाभकारी बताया l उन्होंने कहा कि उनकी संस्था सदैव नोएडा लोकमंच के सहयोगी के रूप में साथ है और भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में कुछ और बड़े सामाजिक कार्य की पहल होगी l उन्होंने सभी से Noida,I Care मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया l 

नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने बताया कि संस्था शीघ्र ही नोएडा के विभिन्न सेक्टरों एवं गांवों में चिकित्सकों की दो घंटे की सेवा प्रारंभ करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है और आने वाले समय में इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

इस सेवा परियोजना के पीछे अनेक समर्पित एवं अनुभवी व्यक्तित्वों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इनमें प्रभात कुमार (पूर्व राज्यपाल, झारखंड एवं अध्यक्ष, नोएडा लोकमंच), डॉ. योगेंद्र नारायण (पूर्व रक्षा सचिव, भारत सरकार एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नोएडा लोकमंच), जे.पी. शर्मा (पूर्व स्वास्थ्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार एवं चेयरमैन, स्वास्थ्य प्रकल्प), डॉ. प्रभात कुमार (प्रदेश आयुक्त, स्काउट एंड गाइड तथा उपाध्यक्ष, स्वास्थ्य प्रकल्प), ऋषि प्रताप सिंह (डी.सी. इन्फोसिस), पंकज राठी (सीईओ, तिरुपति आई ट्रस्ट), डॉ. मोहिता शर्मा (चेयरपर्सन, तिरुपति आई सेंटर), डॉ. केशव नथानी (डायरेक्टर, मैक्स हॉस्पिटल), हेमंत गोयल (कुलपति, झारखंड विश्वविद्यालय), डॉ. एच.के. नाथ (वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक), जमील अहमद, मुकुल  बाजपेयी, पी.एस. जैन (अध्यक्ष, CONRWA), इंद्रा चौधरी, लीका सक्सेना, विभा बंसल (कोषाध्यक्ष, नोएडा लोकमंच), डॉ. सी.बी. झा, राम शरण गौर, राजेश श्रीवास्तव, वी.के. जैन, एडवोकेट विनीत गर्ग,मोहम्मद परवेज़, नोएडा लोकमंच के अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं तथा सक्षम चेंजमेकर ट्रस्ट के वालंटियर मौजूद रहे l का उल्लेखनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन देश के सुप्रसिद्ध हास्य कवि एवं साहित्यकार विनोद पांडेय ने किया। इस आयोजन में इंफोसिस फाउंडेशन एवं सक्षम चेंजमेकर ट्रस्ट के सहयोग से दवा बैंक में कॉर्निया प्रोजेक्ट की शुरवात की गई एवं दवा बैंक के इंफ्रा को बेहतर करने में सहयोग किया गया  

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जब सेवा का भाव सच्चा हो और उद्देश्य जनकल्याण का हो, तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। नोएडा लोकमंच की यह पहल समाज के उन वर्गों के लिए आशा की नई किरण है, जिन्हें सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है। यह प्रयास हमें याद दिलाता है कि वास्तविक सफलता केवल स्वयं के लिए उपलब्धियां अर्जित करने में नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में है।

नोएडा लोकमंच की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत कर रही है। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे, तो निश्चित रूप से नोएडा एक स्वस्थ, जागरूक और संवेदनशील समाज के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।


Regards,

Mukul Bajpai,

Media Prabhari,

Noida Lok Manch,

9811026419,

8383954010

Wednesday, 10 June 2026

वॉशिंग मशीन में कपड़ों पर पाउडर क्यों चिपक जाता है?Why does powder stick to clothes in the washing machine? Neelam Bhagi नीलम भागी

 


कई बार वाशिंग मशीन में धूले कपड़ों को निकालते हैं तो उनमें से कुछ कपड़ों पर वाशिंग पाउडर लगा होता है।जिसके कारण कुछ कपड़े ऐसे लगते हैं कि जैसे उनकी धुलाई ही नहीं हुई क्योंकि जिस पाउडर ने पूरे पानी में घुल कर घूमना था वह तो कुछ कपड़ों में ही चिपक कर रह गया।

ऐसा हमारी गलती की वजह से होता है। मशीन खराब नहीं होती है।

मुख्य कारण है मशीन के अंदर कपड़े ज्यादा भरना ज्यादा कपड़े होने से कपड़े मशीन में घूमते नहीं है इसलिए पाउडर जिन कपड़ों पर पड़ता है गीला होने से वही चिपक जाता है। इसलिए मशीन की क्षमता का 75% ही कपड़ा डालो। 5kg मशीन में 3.5kg से कुछ ज्यादा पर 4 किलो से कम कपड़े डालो। कई बार हम सोचते हैं कि कपड़े ज्यादा मैले हैं तो उसमें ज्यादा पाउडर डाल देते हैं इसलिए भी पूरा पाउडर घुल नहीं पाता है।

नल पूरा खोलो। मशीन के पीछे वाली जाली/फिल्टर साफ करो - वहां कचरा जमा हो जाता है तो पानी ठीक से मशीन के अंदर नहीं जाता, प्रेशर कम होने से भी ऐसा होता है।

पाउडर को एयरटाइट डिब्बे में रखो। गांठ वाला पाउडर इस्तेमाल से पहले गांठे तोड़कर पाउडर बना लो।

लिक्विड सोप से भी धो सकते हैं।



Tuesday, 9 June 2026

नया पेड़ लगाया है तो मल्चिंग करना जरूरी है। It is essential to mulch after planting a new tree. Neelam Bhagi Migration to America

 


मैंने उत्कर्षनी  से कहा कि यहां पर पेड़ विशाल और सीधे तने और बड़े स्वस्थ हैं। उसने जवाब दिया कि यहां पर पेड़ लगाने के बाद उसका बहुत ध्यान रखा जाता है। आप देख रही हो न पेड़ के तने की 3 इंच दूरी से मल्चिंग की गई है। मतलब पेड़ के नीचे सूखी पत्ती, घास, लकड़ी का बुरादा बिछा दिया जाता है। ऐसा पेड़ को गर्मी-सर्दी से बचाने के लिए किया जाता है। पेड़ के तने से 3 इंच दूर से लेकर पूरे घेरे में 2-4 इंच मोटी परत सूखी पत्ती, घास, भूसा, नारियल की जटा, लकड़ी का बुरादा, लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े  बिछा देते हैं । पेड़ के लिए मलचिंग के बड़े फायदे हैं।

इससे पानी बचता है क्योंकि मिट्टी से वाष्पन नहीं होता।धूप सीधी मिट्टी पर नहीं पड़ती जिससे वाष्प बनकर पानी नहीं उड़ता है। और 50% तक पानी बचता है। गर्मी में भी पेड़ प्यासा नहीं मरता।  मल्चिंग  घास-खरपतवार रोकता है। धूप जमीन तक नहीं पहुंचती तो जंगली घास नहीं उगती। गुड़ाई-निराई का भी झंझट खत्म हो जाता है।

मल्चिंग  मिट्टी ठंडी रखती है। 45°C की धूप में भी जड़ें 25-30°C पर आराम से सांस लेती हैं। जड़ जलती नहीं है। सूखी पत्ती धीरे-धीरे सड़कर केंचुआ खाद बन जाती है। पेड़ को ऑर्गेनिक और फ्री में खाना मिलता है।

बारिश में मिट्टी कटकर नहीं बहती। जड़ें मजबूत रहती हैं। बड़ा होने तक पेड़ों की बहुत देखभाल की जाती है और जो भी बारिश होती है उसका पानी भी यही समा जाता है। फुटपाथ पर ढाल ऐसी दी जाती है कि पानी पेड़ के चारों ओर बने स्क्वायर में ही जाता है। इसलिए यहां पर हरा-भरा नज़र आता है। नया पेड़ लगाया है तो ये करना सबसे जरूरी है। वरना धूप में 15 दिन में पेड़ सूख जाएगा।

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