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Tuesday, 3 April 2018

पौदीना एक बार लगायें, जब चाहे खायें Plant mint once, eat it whenever you want. नीलम भागी




अमर उजाला में प्रकाशित
 पुदीना मच्छर भगाने वाला पौधा                             मैंने  ने एक बड़ी गुच्छी ताजे पौदीने की खरीदी। दो काँच के गिलास एक छोटा और एक बड़ा आधे पानी से भर कर अपने पास रख लिये। पौदीने की एक एक डण्डी उठाती, सबसे उपर की 3, 4 पत्ती छोड़ कर नीचे की सब पत्तियाँ तोड़ती जाती और छोटी डण्डी को छोटे गिलास के पानी में रखती गई और बड़ी डण्डी को बड़े गिलास के पानी में। तोड़ी गई पत्तियों की चटनी बना ली और इन गिलासों को ऐसी जगह रख दिया जहाँ कम धूप थी। दिन भर वे पत्ते लटके मुर्दे से एक दूसरे के सहारे दिखे। अगले दिन सुबह तक ये ठीक हो गये। मैंने उनका पानी बदल दिया। पारदर्शी गिलास में सब दिखता है। आप भी तस्वीर में देखिये। रोज पानी बदलती रही, अब जड़े निकल आयीं। गाठों से नई पत्तियां निकल आई। दोनों गिलास जड़ों से भर गये। पौधे बढ़ गये और हरे पत्तों से भर गये। अब गर्मी में काँच भी गर्म हो कर पौदीने को दुख देगा क्योंकि 20 से 40 डिग्री तापमान पर ये बहुत अच्छा उगता है। मैंने दो मिट्टी के गमले लिये उनमें आधा मिट्टी, एक भाग कम्पोस्ट और एक भाग रेत भर कर उसे मिला दिया। गमले पूरे नहीं भरे। शाम के समय उसमें जैसे पानी में टहनियाँ लगाई थीं वैसे ही गिलास से निकाल कर एक एक टहनी की जड मिट्टी में दबा दीं। ज्यादा टहनियाँ थी इसलिये तीसरा गमला भी तैयार हो गया। अब वे गमले  पौदीने से भरने लगे हैं। जमीन पर मैंने इसलिये नहीं लगाया कि ये बहुत जल्दी सारी जमीन पर कब्जा कर लेता है यानि इसकी जड़ें दूर तक फैल जाती है। ये ज्यादा देख भाल नहीं मांगता। महीने में एक बार कम्पोस्ट डाल दें काफी हैं। 5-6 इंच की टहनियाँ होने पर आप इसकी कटिंग कर सकते हैं। पौधा लगा कर हम अपने हिस्से का वायु प्रदूषण भी दूर कर सकते हैं।
रसोई के कचरे का सदुपयोग 
किसी भी कंटेनर या गमले में किचन वेस्ट, फल, सब्जियों के छिलके, चाय की पत्ती बनाने के बाद धो कर आदि सब भरते जाओ और जब वह आधी से अधिक हो जाए तो एक मिट्टी तैयार करो जिसमें 60% मिट्टी हो और 30% में वर्मी कंपोस्ट, या गोबर की खाद, दो मुट्ठी नीम की खली और थोड़ा सा बाकी रेत मिलाकर उसे  मिक्स कर दो। इस मिट्टी को किचन वेस्ट के ऊपर भर दो और दबा दबा कर, इस तैयार मिट्टी को 6 इंच, किचन वेस्ट के ऊपर यह मिट्टी रहनी चाहिए। बीच में गड्ढा करिए छोटा सा 1 इंच का, अगर बीज डालना है तो डालके उसको ढक दो।और यदि पौधे लगानी है तो थोड़ा गहरा गड्ढा करके शाम के समय लगा दो और पानी दे दो।


https://youtu.be/M1JpGyIPh3k

8 comments:

डॉ शोभा भारद्वाज said...

पोदीना , जब भी चटनी बनानी हो घर में उगा पुदीना तोड़ें चटनी बनाएं बेहतरीन लेख

Neelam Bhagi said...

धन्यवाद

Journey on wheels with Hyundai Verna said...

Bahut accha prayaas

Neelam Bhagi said...

Hardik dhanyvad

विकास नैनवाल 'अंजान' said...

सुन्दर प्रयास। मैं भी ऐसी चीजें घर पर उगाने की सोच रहा हूँ। जल्द ही करता हूँ।

Neelam Bhagi said...

Shuruaat kar Hi dijiye bahut achcha lagega aapko

kulkarni said...

Appratim, bahut badiya hai

Neelam Bhagi said...

हार्दिक धन्यवाद कुलकर्णी जी