ये सुई जैसी पत्तियों वाला 2-3 फुट की झाड़ी वाला खुशबूदार पौधा है। इसकी पत्ती मसलो तो हाथ महक जाएगा। इसके फूल हल्के नीले-बैंगनी, बहुत छोटे होते हैं। इन पर मधुमक्खी बहुत आती है।
आलू, चिकन, मटन, ब्रेड, फोकैचिया में 1 टहनी डाल दो, टेस्ट 10x बढ़ जाएगा। इटैलियन खाने की यह जान है
गमले में लगा दो तो मच्छर, मक्खी दूर रहते हैं। एंटी-बैक्टीरियल भी है।
यह ज्यादा देखभाल नहीं मांगता, बस पानी फालतू नहीं चाहिए। दिन की 6-8 घंटे तेज धूप चाहिए। इसके लिए बालकोनी और छत बेस्ट है। लॉस एंजेलिस में मैंने देखा यहां घरों के बाहर बाउंड्री नहीं होती लेकिन कई जगह रोज मेरी खूब लगी हुई है। उत्कर्षनी कई बार इसका गमला खरीद के लाई पर इसका पौधा नहीं चला। कारण इसको ज्यादा पानी नहीं देना, दित्या सब पौधों में पानी लगा देखकर, इसको ऊपर से सूखा देखकर, इसमें ज्यादा पानी दे देती। जब ऊपर की 1 इंच मिट्टी सूख जाए तभी पानी देते हैं। यह कटिंग से भी लगता है। उत्कर्षनी जैसे ही नया गमला खरीद कर लाई। मैंने उसमें से काट के नीचे के पत्ते उतार कर टहनी को पानी में रख दिया। 15 दिन बाद जड़ आ गई तो उन्हें दूसरे गमले में लगा दिया। मिट्टी 50% मिट्टी + 30% रेत + 20% गोबर खाद मिट्टी को भुरभुरी रखो। एक बार लगा लो तो 10-15 साल चलता है। किचन + मेडिसिन + गार्डन तीनों का राजा है। ऊपर से 4-5 इंच की टहनी काटते रहो। जितना काटोगे, उतना घना होगा।

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