आज हमारे सेक्टर में छाया जी के निवास पर आयोजित दस दिवसीय गणपति उत्सव में राधा अष्टमी का त्यौहार बहुत हर्षोल्ला से मनाया गया। महिलाएं सज धज कर खूबसूरत रंग बिरंगी पोशाकों में इस आयोजन में सम्मिलित हुई। उत्सव की खुशी उनके द्वारा गाए गए भजनों और नृत्य से झलक रही है। छाया जी ने सभी महिलाओं को खूबसूरत चुनरिया औढ़ाई। नाचती गाती हुई मुझे तो सभी राधा रानी लगने लगी। देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
राधाष्टमी का त्योहार परंपरागत रूप से ब्रज, बरसाना, मथुरा वृंदावन के आसपास के क्षेत्र के साथ उत्तर भारत में मनाते हैं। मंदिरों में कीर्तन का आयोजन किया जाता है। महान शास्त्रीय संगीतकार, संगीतज्ञों के आराध्य, ध्रु्रपद के जनक, स्वामी हरिदास का जन्म भी इसी दिन हुआ था। बैजू बावरा, तानसेन जेैसे दिग्गज संगीतज्ञ उनके शिष्य थे। इनके जन्मोत्सव पर विश्वभर के शास्त्रीय संगीतज्ञ उन्हें भावांजलि देने, स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में आते हैं।











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