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Sunday, 26 July 2026

कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित विशाल रक्तदान महोत्सव A massive blood donation festival dedicated to the Indian Armed Forces on Kargil Vijay Diwas.

 


लक्ष्मी नारायण मंदिर, ए-2, सेक्टर-56, नोएडा   द्वारा मंदिर प्रांगण में  कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित विशाल रक्तदान महोत्सव आज 26 जुलाई (रविवार) को कारगिल के अमर वीरों को रक्तदान के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

रक्त संग्रह के लिए भारतीय सेना की टीम स्वयं उपस्थित रही।

शिविर को रक्तदान करने  166  दाता आए,                   

25 लोगों को फिर आने के लिए कहा गया और 141 रक्त यूनिट प्राप्त हुए और यह हमारे  लिए एक गर्व की बात है।

इस बार कुछ पत्रकार बन्धुओं ने स्वयं भी रक्तदान करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रक्तदान के साथ साथ एम्स न्यू दिल्ली की टीम ने नेत्र दान व अंग दान का आयोजन भी किया जिसमें  20 दाताओं ने नेत्र और अंगदान का संकल्प लिया।

दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए  कई गर्णमान्य व्यक्तियों  ने जिनमें प्रमुख थे, विपिन मल्हन, प्रधान  व वी के सेठ, महासचिव- एनईए व एन ई ए की टीम, दीपक विग चेयरमैन व संजीव पुरी, वाईस चेयरमैन - पंजाबी विकास मंच  व  उनकी टीम, के के जैन महा सचिव फ़ोनरवा व उनकी टीम, संजय  मावी, प्रधान- आर डवल्लू ए- 56 व उनकी टीम,  हरीश जुगरान प्रधान नया बाँस सोसाइटी व उनकी टीम ने आकर  सब दाताओं उत्साहवर्धन किया।

आज मंदिर समिति ने मंदिर के लिए 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम उपलब्ध करवाने में सहयोग देने के लिए नया बांस सोसाइटी के प्रधान हरीश जुगरान व मंदिर की अन्नपूर्णा रसोई में चिमनी की व्यवस्था में सहयोग देने के लिए मंदिर महिला मंडल की सदस्य विनोद कुमारी बंसल जी को भी इस अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार प्रकट करते हुए माननीय विपिन मल्हन व मंदिर समिति के प्रधान आर एन गुप्ता जी द्वारा सम्मानित किया गया।

आयोजक हृदयपूर्वक सभी दाताओं, आर्मी के ब्लड बैंक व एम्स न्यू दिल्ली की टीमों का आभार व्यक्त करते हैं।

आयोजक निष्ठा से सभी स्वयंसेवकों, नकद एवं वस्तुओं के स्वरूप में दान देनेवाले दाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

लगभग 10 सदस्यों वाली  ब्लड डोनेशन टीम ने इस कार्य का संचालन मन्दिर समिति के सदस्य और इस प्रोजेक्ट के मुख्य प्रेरक ए.के. गुप्ता के नेतृत्व में किया।

 आयोजकों में  मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी आर.एन. गुप्ता, ओ पी गोयल, जे एम सेठ,  जी.के. बंसल, आर के भट्ट, इंदर पाल खंडपुर, हरीश सभरवाल, अंबेश भांबरी, संजीव बांधा ,ब्लड डोनेशन टीम के डा॰ कर्नल योगेश मानिकतला,करण अनेजा, अभिषेक जैन, सुशील रियू, नितिन गुप्ता, अशोक त्यागी, निर्मल हांडा,मंजू सेठ,मधु भट्ट , वंदना बंसल, आदि सबने इस नेक काम में योगदान  करने के लिए प्रेरित किया।

लक्ष्मी नारायण मंदिर की ओर से,

जे. एम. सेठ

प्रबंध ट्रस्टी,

https://www.instagram.com/reel/DbQm5lCg8wq/?igsh=MXEyM2tta3ViejFydA==










Wednesday, 22 July 2026

समाज के ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित 'दहकते अंगारे' पुस्तक का भव्य विमोचन Grand launch of the book 'Dahakte Angare', focused on burning social issues.

 


वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौरसिया की कृति समाज के ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित 'दहकते अंगारे' पुस्तक का  भव्य विमोचन


 नोएडा के सेक्टर 6 स्थित एनईए भवन के ऑडिटोरियम में  वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौरसिया की कृति समाज के ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित 'दहकते अंगारे' पुस्तक का भव्य विमोचन संपन्न हुआ।

पत्रकारिता जगत में अपनी बेबाक लेखनी और तीखे तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले श्री चौरसिया की यह पुस्तक समाज के अनछुए पहलुओं और समकालीन ज्वलंत मुद्दों को उजागर करती है।

विमोचन समारोह में नोएडा की कई प्रतिष्ठित हस्तियां, प्रबुद्धजन एवं साहित्यकार और कवि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान साहित्य, समाज और पत्रकारिता की दशा-दिशा पर सार्थक चर्चा भी हुई।

इस मौके पर ठाकुर एनपी सिंह, स्वामी पद्मनारायनाचार्य ,  पीठाधीश्वर हनुमंत कृपाधाम, वृंदावन, शालिनी सिंह अध्यक्ष नोएडा सिटीजन फोरम, विपिन मल्हन अध्यक्ष एनईए, आलोक द्विवेदी अध्यक्ष नोएडा मीडिया सेंटर , अशोक चौहान, भाजपा नेता , यू एस शर्मा, कपिल शर्मा की गौरवमयी उपस्थित और उनके उच्च कोटि के विचारों ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं के मन को मोह लिया। मंच का संचालन हास्य व्यंग्यकार शशि पांडेय ने बड़ी खूबसूरत अंदाज़ में किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि

'दहकते अंगारे' निश्चित रूप से पाठकों में नई चेतना जगाने का काम करेगी।

कार्यक्रम के अंत में सुरेश चौरसिया  को इस अभूतपूर्व कृति के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

साथ ही कार्यक्रम के उतरार्द्ध में सभी प्रतिष्ठित अतिथियों व शहर के प्रतिष्ठित लोगों को मोमेंटों देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। इस कवि सम्मेलन में वरिष्ठ कवि साहित्य कुमार चंचल 'साधक' कवयित्री किरण सिंह, अंजली करण ' सरधना ' रजनीश त्यागी ( पूर्व एनएसजी कमांडो) ने अपनी उम्दा कविताओं, गजलों के माध्यम से श्रोताओं का दिल जीत लिया।

इस मौके पर शहर के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में बीनू शर्मा, प्रवीण पांडे, पवन राज सिंह , अनीश अहमद का बड़ा योगदान रहा।

Tuesday, 21 July 2026

पॉपी रिजर्व - "नारंगी कालीन" Poppy Reserve – "Orange Carpet": The Antelope Valley California Poppy Reserve. Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


पूरी घाटी नारंगी, पीली और बैंगनी फूलों से ढक जाती है।यहां सिर्फ हवा और मधुमक्खियों की भिनभिनाहट की आवाज सुनाई देती है। शहर का शोर बिल्कुल नहीं है।

रास्ते में बोनस नजारे हैं। उत्कर्षनी ने बताया था कि सूरज ढलते वक्त पहाड़ियों पर सुनहरी रोशनी और लाखों पॉपी हवा में लहराती हैं। यह फोटो के लिए बेस्ट टाइम होता है। I-5 पर उत्तर जाते वक्त सामने विशाल गहरा नीला आसमान है। रात में बादल न हों तो Milky Way भी दिखती है। हम शाम होने से पहले ही यहां से चल पड़े क्योंकि गीता और दित्या फूल देखकर बहुत खुश थीं और इधर-उधर मैदान में भाग रही थीं क्योंकि यहाँ के खेतों में रैटलस्नेक (Rattlesnakes) पाए जाते हैं, इसलिए पर्यटकों को सावधानी बरतने और पगडंडियों (trails) पर ही रहने की सलाह दी जाती है। बच्चों को शायद स्कूल में सिखाया जाता है कोई भी बच्चा फूल नहीं तोड़ रहा था। पर यह दोनों शैतान तितलियों के पीछे भाग रही थीं। फूलों पर शहद की मक्खियाँ भी खूब थीं इसलिए राजीव जी ने इतनी सुंदर जगह से जल्दी दूसरी जगह जाने का प्रोग्राम बना लिया। यहां शहद भी बिक रहा था। कुछ फ्लाइज हमारी गाड़ी में भी आ गई। इसलिए दित्या का ध्यान बट गया। फ्लाइज हमने बाहर निकाले फ़िर भी एक दो गाड़ी में रह गई। दित्या का टॉपिक बदल गया। अब उसे चिंता सताने लगी कि यह तो हमारे साथ जा रही है। उनकी मम्मी इनको ढूंढेंगी 😃।

यह संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के उत्तरी लॉस एंजिल्स काउंटी में स्थित एक संरक्षित प्राकृतिक अभयारण्य है। कैलिफोर्निया का राज्य पुष्प, 'पॉपी' (Poppy), प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में खिलता है।

पॉपी के अलावा यहाँ उल्लू का तिपतिया घास (Owl’s Clover), ल्यूपिन, और गोल्डफील्ड्स जैसे अन्य जंगली फूल भी पाए जाते हैं।

यह रिजर्व समुद्र तल से लगभग 2,600 से 3,000 फीट की ऊंचाई पर मोजावे रेगिस्तान (Mojave Desert) जलवायु क्षेत्र में स्थित है। राज्य के कानून के अनुसार यहाँ से जंगली फूल तोड़ना अवैध है।

यहाँ कुत्तों या अन्य पालतू जानवरों को लाने की अनुमति नहीं है (केवल प्रशिक्षित सर्विस जानवरों को छोड़कर)।

नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

   क्रमशः

 https://www.instagram.com/reel/DbBqmlsS1Ar/?igsh=MXRpdzd0eHE1NGc1eg==

https://www.instagram.com/reel/Da-8MITSGlq/?igsh=MTRvY3N0aXltbHhxOQ==

  https://www.instagram.com/reel/Da5Y038A7zq/?igsh=MTNuNG5wemh1YWcxNw==

https://www.instagram.com/reel/Da0p1mmyC92/?igsh=MWh4a3UxNGJhdTQwMQ==







Sunday, 19 July 2026

रिजर्व के 5 मील पहले दूर तक सिर्फ "पॉपी कार्पेट" एंटेलोप वैली कैलिफोर्निया पॉपी रिजर्व की ओर Five miles before the reserve, a "carpet of poppies" stretches into the distance towards the Antelope Valley California Poppy Reserve.Neelam Bhagi Migration to America

 


I-5 छोड़कर जब हम अंदर मुड़ते हैं San Francisquito Canyon सड़क, दोनों तरफ ऊंची-ऊंची भूरे रंग की पहाड़ियों के बीच से जाती है। बिल्कुल वेस्टर्न मूवी जैसा लगता है। Elizabeth Lake रोड पर छोटा-सा Elizabeth Lake दिखती है। राजीव जी ने बताया की सर्दियों और बारिश में पानी से भरा रहता है और इसके किनारे जंगली फूल अपने आप खिल कर इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं।

रेगिस्तान की शुरुआत होने पर घास कम, झाड़ियां ज्यादा नज़र आती हैं। हवा में अलग सी की खुशबू है। आसमान का रंग गहरा नीला है। जैसे ही हम रिजर्व के 5 मील पहले पहुंचे , नजारा बदल गया। दूर तक सिर्फ "पॉपी कार्पेट" नारंगी कालीन सा लगता है। उत्कर्षनी ने रास्ते के लिए लड्डू भी दिए थे। उसे समय दोनों लड्डू खा रही थी। गीता तो वीडियो बनाने लगी। दित्या छोटी है उसे दूर से नारंगी पॉपी लड्डू लगे। नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

   क्रमशः 

https://www.instagram.com/reel/Da-8MITSGlq/?igsh=MTRvY3N0aXltbHhxOQ==

  https://www.instagram.com/reel/Da5Y038A7zq/?igsh=MTNuNG5wemh1YWcxNw==

https://www.instagram.com/reel/Da0p1mmyC92/?igsh=MWh4a3UxNGJhdTQwMQ==







Friday, 17 July 2026

रास्ते की खूबसूरती हॉलीवुड वेस्ट से एंटेलोप वैली कैलिफोर्निया पॉपी रिजर्व की ओर Heading from Hollywood West towards the Antelope Valley California Poppy Reserve, Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास Part 2

 


   जैसे ही हम Cahuenga Pass से गुजरे, LA का स्काईलाइन पीछे छूट गया। दाएं-बाएं Griffith Park की हरी पहाड़ियां और Hollywood Sign की एक झलक मिलती है। राजीव जी ने बताया कि Burbank और Glendale क्रॉस करते वक्त सर्दियों में दूर San Gabriel Mountains बर्फ से ढकी दिखती हैं। Santa Clarita आते-आते ट्रैफिक कम और आसमान बड़ा होने लगता है। Valencia और नेवहाल के  दोनों तरफ रोलिंग हिल्स, ऑरेंज के बाग और नए-नए घर हैं। स्प्रिंग में पहाड़ियां हल्की हरी हो जाती हैं। यह यहां के खास नजारे हैं।

Grapevine से पहले I-5 के दोनों तरफ जंगली घास और ओक के पेड़ हैं । दूर-दूर तक खुला आसमान है।

हवा में बदलाव महसूस होता है।

Valencia से San Francisquito Canyon Road कैनियन का जादू ये सबसे खूबसूरत हिस्सा है। रास्ता इतना खूबसूरत है कि गीता गा रही है और दित्या तो उसकी कॉपी पेस्ट है, वह उसके पीछे-पीछे गा रही है। उत्कर्षनी ने हमारे खाने के लिए सबकी पसंद का खाना पैक किया है। बच्चे फूलों की घाटी का इंतजार कर रहे हैं। राजीव जी रास्ते के बारे में बता रहे हैं। खाने का किसी को ध्यान ही नहीं है। क्रमशः 

  https://www.instagram.com/reel/Da5Y038A7zq/?igsh=MTNuNG5wemh1YWcxNw==

https://www.instagram.com/reel/Da0p1mmyC92/?igsh=MWh4a3UxNGJhdTQwMQ==








Thursday, 16 July 2026

हॉलीवुड वेस्ट से एंटेलोप वैली कैलिफोर्निया पॉपी रिजर्व की ओर Heading from Hollywood West towards the Antelope Valley California Poppy Reserve, Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


उत्कर्षनी  हमारे जाने की तैयारी भी कर रही थी और साथ-साथ इस घाटी के बारे में बताती भी जा रही थी कि यहां पर मार्च अप्रैल में अपने आप फूल खिलते हैं। आप 28 फरवरी को भारत लौट रही थीं। फ्लाइट कैंसिल करवाने का एक फायदा हो गया। आप  एंटेलोप वैली भी देख लोगी। यहां के नजारे अपने आप फूल खिलने के थोड़े समय के लिए होते हैं। मैं जा चुकी हूं आपको बहुत अच्छा लगेगा। शाम तक आप लौटोगे तब तक मैं अपना लेखन पूरा कर लूंगी😃। गीता दित्या तो वैसे ही घूमने की बहुत शौकीन हैं। राजीव जी ने आज गीता को घाटी में पहुंचने पर फोन देने की परमिशन दी है ताकि वह भी प्राकृतिक सौंदर्य को कैमरे  में कैद करें। रास्ते में उसको फोन देने की मनाही थी। क्योंकि वह रास्ते को एंजॉय करने की बजाय मोबाइल में लग जाती।  

यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय वसंत ऋतु है, जो आमतौर पर मध्य फरवरी से मई तक रहता है।

चमकीले नारंगी फूलों की चादर देखने के लिए मार्च के अंत से अप्रैल के मध्य तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

फूलों का खिलना सर्दियों और वसंत में होने वाली वर्षा और तापमान पर निर्भर करता है। हॉलीवुड से एंटेलोप वैली पॉपी रिजर्व तक रास्ते की सुंदरता लाज़वाब है। ये सिर्फ 65-70 मील का ड्राइव नहीं है, ये LA के शोर से रेगिस्तान की शांति तक का सफर है। मार्च-अप्रैल में तो ये रूट सबसे जादुई लगता है।

शुरुआत में हॉलीवुड की बिल्डिंग, बिलबोर्ड और ट्रैफिक मिला।

जैसे ही हम Cahuenga Pass से गुजरे, LA का स्काईलाइन पीछे छूट गया। क्रमशः

https://www.instagram.com/reel/Da0p1mmyC92/?igsh=MWh4a3UxNGJhdTQwMQ==


Monday, 13 July 2026

बच्चे का रेत खेल में, नेचर से कनेक्शन होता है और स्क्रीन से दूर रहता है। When playing with sand, a child connects with nature and stays away from screens. Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


सूखी रेत से मस्ती और सबसे बड़ी बात बच्चे घंटों बिजी रहते हैं। दित्या ने मुझसे पैसे मांगे मैंने एक सिक्का पकड़ा दिया। उसने रेत में खजाना छुपा दिया। मैं देखे जा रही थी, वह उसके ऊपर रेत भर भर के डालती और मुझे हंसी आ रही थी। अब शायद ही इसे सिक्का वापस मिले। और बच्चे भी आकर खेलने लगे। यहां यह विशेषता है कोई भी बच्चा किसी की चीज नहीं लेता। सामने पड़ी भी हो तब भी नहीं ले जाता। इसलिए सबके खिलौने पार्क में इधर-उधर पड़े रहते हैं, जिसका मन करता है, खेल लेता है। लेकिन जाते समय अपने ही खिलौने लेकर जाते हैं। हां शैतानी में छोटे खिलौने, सिक्के, जूते रेत में छुपा के चले जाते हैं । कभी-कभी बच्चे खुद ढूंढते हैं। दित्या कुछ समय बाद अपना सिक्का ढूंढने आई और खुद ही भूल गई कौन सी जगह में छुपाया था। काफी देर तक लगी रही, अब नहीं मिला। इससे सेंसरी डेवलपमेंट मजबूत होता है। यहां लगभग हर एक पार्क में बच्चों के लिए रेत में खेलने की व्यवस्था है इसलिए उनकी गाड़ी में रेत में खेलने के लिए बाल्टी, तसला, बेलचा न जाने क्या-क्या होता है! कहीं-कहीं तो झूले आदि भी ऐसे बने होते हैं। उनमें घिरनी लगी होती है। जैसे कुएं से पानी खींचते थे। वैसे बच्चे भर भर के रेत ऊपर ले जाते हैं। दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप वीडियो देखिएगा और तस्वीर में आप देखिएगा। रेत में खेलते हुए बच्चे एक्साइटमेंट के साथ इतने गंभीर होते हैं मानो कोई गंभीर दिमागी समस्या सुलझा रहे हों।"किला गिर क्यों गया ?" रेत में नदी बना रहे हैं तो हाथ से फावड़ा चलाने से उंगलियों की ताकत बढ़ती है। अब नदी में तो पानी भी चाहिए और रेत में तो पानी खपता ही जाता है। फिर दोस्त मदद करते हैं। नदी तो नहीं बनती पर गीली रेत से क्रिएटिविटी शुरू हो जाती है। मसलन जो भी पास में बर्तन होते हैं अब सांचे का काम करते हैं।  उसमें गीली रेत  भरके उनके आकार बनाए जाते हैं। बच्चे का रेत खेल में, नेचर से कनेक्शन होता है और वे स्क्रीन से दूर रहते हैं । यहां हर एक सोसाइटी से 1 किलोमीटर की दूरी पर पार्क होता है। उसमें बच्चों के खेलने के लिए रेत होती है और रेत में जरा भी गंदगी नहीं होती है। मसलन चुभने की कोई चीज, कांच के टुकड़े आदि। जो बच्चे खड़े होकर खेलना चाहें ऐसी भी व्यवस्था होती है। कभी भी बच्चों ने पार्क जाना है तो उत्कर्षीनी उनके रेत के खेल के औजार रखना कभी नहीं भूलती। और मुझे बच्चों को रेत में खेलते हुए देखना बहुत पसंद है। 😃 

https://www.instagram.com/reel/DawySkNRtB1/?igsh=bWpoMGYyNHFhMW8y








Saturday, 11 July 2026

सिर्फ भाषण नहीं, पेड़ लगाओ Don't just give speeches—plant trees. Neelam Bhagi नीलम भागी

 



गगन आलूवालिया ने एक महिला बतरस गोष्टी 😃 में डिस्पोजेबल ग्लास में कोल्ड ड्रिंक पिया और अपना गिलास हाथ में पकड़े रखा। जब जाने लगी तो और महिलाओं के जूठे गिलास भी उठा के ले गई। और जाते हुए मेरे दिमाग में एक प्रश्न दे गई। एक होम मेकर महिला गिलासों का क्या करेगी? मुझे एक दिन मिलीं। मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, " मेरे घर आओ आपको अपना जवाब मिल जाएगा।" जिज्ञासा मुझे उनके घर ले गई। उनके घर में रिनोवेशन चल रहा है । कुछ ही गिलास बचे हुए थे। जिनमें एक महीने के पौधे थे बाकी बचे गिलासों में बीज डाले हुए थे। उन्होंने बताया कि मेरा शौक़ है, ऐसे वेस्ट क्लास ले आती हूं। उसमें छेद करके तैयार मिट्टी से भरकर, बीज बो देती हूं। एक महीने के पौधे होने के बाद जो मांगता है, उसे दे देती हूँ। इससे पौधा नष्ट होने का भी डर नहीं रहता। ले जाने वाले जब उसके लिए उचित व्यवस्था कर लेते हैं तब उन्हें अपने घर में लगा देते हैं। उनकी लाजवाब सोच! बिना किसी प्रचार के कितना अच्छा काम कर रही हैं। उनके लिए तो साल भर पर्यावरण दिवस रहता है। थोड़ी सी जगह में उन्होंने कुछ ही काम के पौधे लगाए हैं। मसलन उनका बैंगन का 5 फुट 5 इंच का पौधा!! रिनोवेशन के बाद जाऊंगी उनके पौधों के बारे में लिखूँगी। अभी तो उन्होंने जो मुझे बीज दिए हैं, उनको बोने के लिए भिगोया है। गगन आलूवालिया का शौक तो सराहनीय है। यह नारे तो उन लोगों के लिए है जो पाइप लेकर पानी का छिड़काव करते हैं, गाड़ी खड़ी करने के लिए पेड़ों को नष्ट करते हैं और उसके नीचे पक्का फर्श बनाते हैं ताकि एक बूंद भी वर्षा का जल जमीन में न चला जाए।

"धरती को बचाना है तो अभी करना होगा"।

Inspired by Nature. For Climate. For Our Future."

"प्रकृति से प्रेरित. जलवायु के लिए. हमारे भविष्य के लिए."

Now for climate मतलब "अब जलवायु के लिए"

सिर्फ भाषण नहीं, पेड़ लगाओ, प्लास्टिक बंद करो, पानी बचाओ।

https://www.instagram.com/reel/DZQSkmuSrVl/?igsh=YndxamMydnY4NGJ1

https://www.instagram.com/reel/DZu3RrrgXOk/?igsh=aHRqcm9lNDhyZ3No




Friday, 10 July 2026

विदेशी पत्तेदार सब्जियां और उनका सेवन Leafy vegetables and their consumption Neelam Bhagi Migration to America नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 

उत्कर्षनी के साथ ग्रोसरीज शॉपिंग के लिए मॉल में जाती तो उत्कर्षनी शॉपिंग में व्यस्त हो जाते। और मैं फल सब्जियों के क्षेत्र में जाकर देखती कि कौन-कौन से फल सब्जियां ऐसी हैं जो मैंने नहीं देखी हैं। एक नई फल सब्जी जरूर खरीदती। हरी सब्जियों की भी बहुत वैरायटी है। मैंने देखा जो भी वेज नॉनवेज जो भी खरीदता है। उसके साथ एक पत्तेदार सब्जी जरूर लेता है। हमारी भारतीय हरी सब्जियों को तो उत्कर्षनी भारत के तरीके से ही बनाती। बचपन से जैसा खाया है वैसा ही। लेकिन जो यहां से पत्तेदार सब्जी लाती, वह ज्यादातर धोकर हाथ से तोड़ कर या मोटा मोटा काट के, मक्खन और नमक डालकर हल्का सा भूनती जो साइड डिश की तरह खाई जाती। सबसे ज्यादा पत्तेदार सब्जियां मैंने कोरियन लोगों को खरीदते देखा है । पत्तेदार सब्जियां जरूर ही खरीदी जाती हैं। यहां उनमें जरा भी मेहनत करने की जरूरत नहीं है न तो वह गंदी होती है धोना बिल्कुल आसान और साफ करने की तो बिलकुल जरुरत नहीं उनमें कुछ होता ही नहीं, आप चित्र में देखें।

यह पत्तेदार सब्जियां मुख्य रूप से केल (Kale), स्विस चार्ड (Swiss Chard) और कोलार्ड ग्रीन्स (Collard Greens) हैं, जो सुपरफूड की श्रेणी में आती हैं।

केल को 'लीफ कैबेज' (Leaf cabbage) भी कहा जाता है क्योंकि यह दिखने में कुछ हद तक पत्तागोभी जैसी लगती है। तस्वीर में इसके अलग-अलग प्रकार देखे जा सकते हैं मसलन

कर्ली केल (Curly Kale): घुंघराले पत्तों वाली हरी सब्जी है। डायनासोर केल (Lacinato/Dino Kale): लंबे, गहरे हरे और झुर्रीदार पत्तों वाली केल, जिसे 'ब्लैक केल' भी कहा जाता है।

यह विटामिन A, C, K, कैल्शियम और पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है। यह वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद करती है।

2. स्विस चार्ड (Swiss Chard)

तस्वीर के ऊपरी हिस्से में रंगीन डंठल वाली सब्जियां स्विस चार्ड हैं।

इसके पत्ते बड़े, गहरे हरे और चिकने होते हैं, लेकिन इसके डंठल सफेद, पीले या गहरे लाल (रेंबो चार्ड) रंग के होते हैं।

पकने के बाद इसका स्वाद पालक जैसा लेकिन थोड़ा मीठा होता है।

3. कोलार्ड ग्रीन्स (Collard Greens)

ये बड़े, सपाट और मोटे पत्तों वाली सब्जियां हैं। इनके पत्ते केल की तुलना में कम झुर्रीदार और अधिक चिकने होते हैं।

यह हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसमें कैल्शियम और विटामिन K प्रचुर मात्रा में होता है। यह पाचन में सुधार और गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड की कमी पूरा करने के लिए भी अच्छी मानी जाती है। सलाद और हरी सब्जियां खाना लोगों की आदत में शामिल है। 

Thursday, 9 July 2026

रिमझिम के तराने लेकर आई बरसात!! Rain has come with a drizzle of songs!! Neelam Bhagi नीलम भागी

 


आज मुझे बवाना जाना था 10 बजे से लेकर 1:00 का टाइम था मिलने का. मैंने 8:00 बजे से मेट्रो स्टेशन के लिए ओला उबर बुक करनी शुरू की। बरसात के कारण नहीं हो रही थी। मेरे घर के पास से ऑटो वगैरह सब मिलते हैं। 8:15 बजे मैं घर से निकली, 15 सेक्टर मेट्रो के लिए। ऑफिस टाइम और फैक्ट्री का टाइम होने के कारण कोई खाली नहीं मिल रहा था। 10 सेक्टर के चौराहे पर एक ई रिक्शा मिला, वह बोला, " 16 सेक्टर के मेट्रो स्टेशन जाएगा।" मेट्रो स्टेशन पहुंची किसी भी मेट्रो ने मुझे 1 मिनट के लिए भी इंतजार नहीं करवाया। राजीव चौक उतरकर मैंने जहांगीरपुरी के लिए मेट्रो बदली और 10. 10 मिनट पर मैं जहाँगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 से बाहर खड़ी होकर, वहां खड़े ऑटो वगैरा से बात करने लगी। एक ऑटो ₹400 में माना। कहता मैं मोड़ कर ला रहा हूं। मैं छपा छप पानी में चलते हुए दूसरे साइड पर गई झट से उसने दो सवारियां अपने आजू-बाजू बिठा ली और पीछे की सीट पर मुझे कहता, " बैठो।" मैंने कहा कि तुमने मुझसे पूछा था कितने लोग हो? मैंने कहा, "मैं अकेली जाऊंगी तब तुमने यह सवारियां  क्यों बिठाई?" ऑटो वाला बोला, " यह रास्ते में उतर जाएंगे।" इतने में वह दोनों सवारियां बिना ऑटो से उतरे कूद  के पीछे जाकर सीट पर बैठ गई और ऑटो वाले से बोली, " चल।" वह यह जा वह जा!  इतने में अंकुर का फोन आया कि आज मौसम खराब है इसलिए मत जाना। मौसम ठीक हो जाएगा, तब चली जाना। मैंने कहा, " मैं तो जहांगीरपुरी पहुंच गई हूं। उसने कहा, " मैं कैब बुक करता हूं, यहां से बाहर मत जाना। जो एक दो बुक हुई, वह भी कैंसिल हो गई। बाहर जिस भी ऑटो वाले से बात की उसका एक ही जवाब था कि आगे बहुत पानी भरा हुआ है, जाम लगा हुआ है और सिंगल नहीं ले जाएगा। जबकि यह ऑटो शेयरिंग नहीं थे।  मैंने लौटने का मन बनाया। अब मेरा ध्यान आसपास भरे हुए पानी पर गया। बूंदाबांदी तो चली रही थी। गेट नंबर 3 पर लिफ्ट भी नहीं थी, एक्सीलेटर भी नहीं था मैं सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गई। यहां से मेट्रो स्टेशन में एंट्री नहीं थी सिक्योरिटी वाले अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मैं ज्यादा सीढियां नहीं चढ़ सकती। आप मेरा डॉक्टर का पर्चा देख लो, मुझे इधर से जाने दो। उन्होंने बहुत अच्छे से मुझे समझाया कि आप तीन नंबर से जहां से चढ़कर आई हो वहीं से उतरकर सड़क से होते हुए दो नंबर के एंट्रेंस से आओ, वहां पर लिफ्ट है। अब मैं फिर तीन नंबर गेट की सीढ़िया से उतरकर छप्पर छप्पर पानी में चलती हुई, दो नंबर की लिफ्ट से मेट्रो स्टेशन  में प्रवेश किया। फटाफट मुझे दोनों मेट्रो मिलती गई। आते जाते सीट भी मिली। मेट्रो स्टेशन के अंदर की दुनिया बाहर से बिल्कुल अलग है। जाते समय तो मुझे आसपास के जल भराव का बिल्कुल ही ध्यान नहीं था। 15 सेक्टर मेट्रो स्टेशन से बाहर आते ही देखा सड़कों के किनारे पानी भरा हुआ पर सड़क के बीच में नहीं। एक ऑटो फुटपाथ  के पास खड़ा था. बीच में इतना पानी था कि मैं ऑटो तक पहुंच सकती थी। मैं जाकर उसमें बैठ गई। बारिश तो रात 1:30 बजे से ही चल रही थी। अब भी हो रही थी। ऑटो वाला कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। लोग मुझसे पूछते कि कहां जा रहा है? मैं तो गंदे पानी में न चलना पड़े इसलिए बैठ गई थी। इतने में गुस्से से भरा हुआ ऑटो वाला आया और मुझे अपना दुखड़ा सुनाने लगा, " एक बुड्ढा बुढ़िया मुझे कह कर गए  कि हम पैसे खुले लेकर आ रहे हैं पता नहीं किधर भाग गए।" मैंने उससे पूछा, " चलोगे। " मेरा सेक्टर सुनके बोला आप तो पास की सवारी हैं। मेरा बैटरी वाला नया ऑटो है बरसात में खराब हो जाता है तो ठीक करवाने में बहुत पैसा लगता है।  यह बारिश का समय मेरा कमाने का है। आप भी बैठी रहो, आपके घर के आगे उतार दूंगा। इस खराब मौसम में मुझे सवारी मिल रही थी यह क्या कम है। अब जो भी उससे पूछता वह मुंह मांगे दाम मंा गता सवारियां  बड़बड़ा के, पर झट से बैठ जाती। मेरे घर से काफी पहले एक सवारी खड़ी थी। उसका स्कूटर पूरा भरा हुआ था फिर भी उसने पूछा, " कहां जाना है। " सवारी बोली, " 63 सेक्टर। " इससे पहले कि वह उसे बिठाकर एडजेस्ट करता। मैं यह सोचकर उतर गई कि मैं थोड़ा पैदल चलूंगी, इतने गंदे मौसम में है स्कूटर चला रहा है। इसके कुछ पैसे बन जाएंगे। मैं पैसे देकर पैदल छाता खोल कर चल पड़ी। चल  रही हूं और अब ज़हन में सुबह का सीन चल रहा है। 16 सेक्टर मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाली साइड सड़क पर कितना पानी भरा हुआ था कि अगर किसी गड्ढे के कारण रिक्शा पलट जाता तो क्या होता! और अपना एक्सीडेंट याद आ गया। घर से थोड़ी दूर  भी पानी भरा हुआ था, जिसमें सुबह मैं छप-छप करती गई थी। अगर पार्क की बाउंड्री में नालियां कर दी जाए तो फुटपाथ का पानी तो उसमें जा सकता है, जिससे कुछ भूजल स्तर में ही सुधार हो जाए। गर्मी के बाद मानसून का आना लाज़मी है इसलिए तैयारी तो होनी ही चाहिए।    

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Wednesday, 8 July 2026

सबसे बड़ा झील वाला पार्क कैस्टेक लेक स्टेट रिक्रिएशन एरिया लॉस एंजेलिस Castec Lake State Recreation Area, Los Angeles – the park with the largest lake. Part 2 Migration to America Neelam Bhagi अमेरिका प्रवास नीलम भागी

 

हम 6 अप्रैल को यहां गए थे। मौसम बहुत अच्छा था। ईस्टर की छुट्टी होने के कारण जगह-जगह लोग पिकनिक मना रहे थे। बच्चों का प्ले एरिया का झूला इतना बढ़िया था कि उसमें उन्हें करने को बहुत कुछ था। गिरने पर चोट लगने का सवाल ही नहीं पैदा होता है। क्योंकि नीचे लकड़ी की मुलायम टुकड़े बिछे होते हैं। बच्चे किसी भी देश, भाषा के हो आपस में मिल जाते हैं। वे अपना भी खेलने का सामान लाए थे। यहां भी बच्चे खेल रहे थे। बड़े अपना खेल रहे थे। खाने का सामान सबके पास होता है। लोग बार्बीक्यू में गर्म भी तैयार कर रहे थे। मैं वहां घूमती रही, जब थक जाती तो आकर अपनी टेबल पर बैठ जाती। यहां जगह-जगह बिल्डअप फर्नीचर था जिस पर 6 से 8 लोग आराम से बैठ सकते हैं। वही हमारा सामान खेलने और खाने का रखा था। जहाँ बैठकर भी देखने को बहुत कुछ था। मसलन मेरे सामने एक ग्रुप पिकनिक मनाने आया हुआ है। जिनमें से आठ लोग ताश खेल रहे हैं। कुछ लोग बतिया रहे हैं। अचानक दो महिलाएं उठती हैं। वे फटाफट फ्रूट काटती हैं। दो और आती हैं एक उसमें में पता नहीं क्या-क्या मिलाती है। दूसरी सर्व करने लग जाती है जो जहां बैठा है वहीं । कुछ समय बाद एक आदमी उठता है वह बार्बीक्ययू में कोयला जला देता है। कोयले सुलगने लगते हैं दो आदमी मिलकर सीक कबाब और न जाने क्या-क्या बनाने लग जाते हैं। यहां सब मिलकर काम करते हैं। यह आपको कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा कि रसोई सिर्फ महिला ही करेगी। बीच में उठकर में लोअर झील की ओर जाती हूं। वहां भी जगह-जगह पिकनिक मनाई जा रही है। खूब नाच गाना चल रहा था ।  कैफेटेरिया भी है वहां भी खाने पीने का सामान बिक रहा था। यहां दो झीले हैं। LA के सबसे पास वाली बड़ी झील जहां मोटर बोट अलाउड है।

ऊपरी झील पीने का पानी, साफ और शांत है। यहां तैराकी मना है। सिर्फ शोरलेस बोट, कयाक, पैडल बोट और  किनारे से मछली पकड़ना अलाउड है ।

निचली झील मेन झील और मस्ती वाली है। तैराकी, जेट स्की, वाटर स्की, स्पीड बोट सब अलाउड है। 2 बड़े सैंड बीच हैं। बोट रैंप 24x7 खुला है। खुद की बोट, जेट स्की ला सकते हो। कयाक, पैडल बोट, कैनो रेंट पर मिल जाती है $20-30/घंटा। यह वेकबोर्डिंग और वाटर स्कीइंग के लिए फेमस है।

Lower Lake पर 2 लाइफगार्ड वाले बीच हैं। गर्मी में वीकेंड पर बहुत भीड़ रहती है।

   जून-सितंबर तक ही तैराकी अलाउड है। पानी ठंडा रहता है।

   झील के चारों तरफ 11 मील का ट्रेल। आसान से मीडियम लेवल। Castaic Lake View ट्रायल से पूरा झील + पहाड़ का नज़ारा मिलता है।

200+ RV और टेंट साइट हैं। बिजली, पानी, टॉयलेट, शावर सब हैं ।

    $45-55/रात। वीकेंड बुकिंग 6 महीने पहले फुल हो जाती है।

  कैंपफायर पिट दिया है। सर्दी में झील किनारे आग जलाकर मज़ा आ जाता है।

रोज सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक। कैंपिंग वाले 24 घंटे।

एंट्री फीस प्रति गाड़ी के $15 हैं।  

कुत्ते अलाउड हैं पर लीड पर रखने पड़ेंगे। बीच और तैराकी वाले एरिया में मना है।

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