मैं कभी कूकर की सीटी गिन कर खाना नहीं बनाती क्योंकि इससे गैस का खर्च दुगुना ही होगा, यदि प्रेशर कूकर में सीटियाँ गिन कर खाना बनायेंगे तो जब आँच तेज होगी और कूकर का साइज़ छोटा होगा फिर तो सीटियाँ जल्दी जल्दी बजेंगी। तेज आंच पर पानी भाप बनकर सीटी से निकलता जायेगा, पानी का अंदाज बिगड़ जायेगा। 5-6 घण्टे भीगी साबूत दालें, राजमा, छोले, मटर मैं टाइम से बनाती हूँ। इस तरीके से पकाने से कुछ समय बाद समझ आ जाता हैं कि कौन सी दाल, सब्जी कितना समय लेती है| पकाने का समय इस तरह शुरू होता है| पहले बंद कूकर को तेज आँच पर रख दिया। जैसे ही सीटी बजने वाली होती है।( कई बार सिटी बज भी जाती है तो पहले सीट के बाद )) गैस बिल्कुल धीमी कर देती हूँ। वीडियो में सीटी की आवाज और नाचने का अंदाज देख लें। बिना किसी में सोडा डाले मसलन राजमा, छोले, मटर, 15 से 25 मिनट बाद गैस बंद कर देती हूँ। ये समय सीटी के नाचने पर गैस कम करने से शुरू होता है| कूकर की भाप नहीं निकालती। भाप खत्म होने पर कूकर खोलती हूँ। भीगी हुई धुली दालें तो जब सीटी बजने लगे, तुरंत गैस भी बंद, सीटी भी बंद। नार्मल भाप खत्म होने का इंतजार करती हूँ। प्रेशर ख़त्म होने पर कूकर खोलती हूँ| आदत हो गई हैं, प्रेशर बनते ही गैस बिल्कुल धीमी कर देती हूँ। हर दाल सब्जी को बनाते बनाते, समय का आपको अंदाज हो जायेगा। इस विधि को शुरू करने से पहले आप अपने गैस सिलेंडर पर तारीख डाल लें। परिणाम आपको बचत और स्वाद समय के रूप में मिलेगा।
1 कटोरी धुले भीगे चावल, कूकर में 2 कटोरी पानी डाल कर कूकर को तेज आंच पर उबलने रख दिए| जैसे ही सीटी बजने वाली हो गैस बंद कर दो| प्रेशर ख़त्म होने पर कूकर खोलो| अगर चावल बैठ गये तो अगली बार सीटी बजते ही गैस बंद करके भाप निकाल दो, खड़ा राइस मिलेगा| राइस अलग अलग किस्म का होता है इसलिए इसका उदाहरण लिया|

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