उत्कर्षनी के घर लॉस एंजेलिस से 10 अगस्त को लौटी थी तो उसके एक बड़े गमले में पुदीना भरा पड़ा था। जिसे वह चाय और कई चीजों में जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करती थी। अब जब मैं 15 दिसंबर को गई पुदीने का गमला ही नहीं था। मैंने पूछा तो उत्कर्षनी बोली, " पुदीना बहुत बढ़ गया था यहां तक कि गमला फट गया था फिर एकदम कीड़ा लगा और सूख गया तो मैंने उसको फेंक दिया। " उसका घर कभी पुदीने के बिना नहीं रहा। मुंबई में भी वह खिड़की में गमला रखती थी। जहां से जरूरत पड़ने पर ताज पुदीना तोड़ लेती थी। अमेरिका में घर के पास राल्फस स्टोर है। मैं वहां गई और डेड़ डॉलर की पुदीने की गुच्ची ले आई।
पैकेट खोला उसमें लंबी-लंबी डांडिया और कुछ पत्ते थे। मैंने अपने उगाने के इस तरीके से पत्ते तोड़ लिए। ऊपर के 2 पत्ते डंडी पर छोड़कर, डंडियों को पानी में रखती गई। बाद में इस डंडियों वाले बर्तन को पौधों के बीच में रख दिया ताकि उन पर सीधी तीखी धूप न पड़े।
14, 15 दिन में उनमें अच्छी तरह से जड़ निकल आई तो मैंने उन्हें शाम के समय मिट्टी में एक स्क्वायर पत्थर के गमले में लगा दिया। पुदीना अच्छे से लग गया।
उसमें फिर कुछ पत्तियों में छेद है। उसको उपाय बताने के साथ, मैंने सोचा सबके साथ शेयर कर लूं। भारत आकर देखा, मेरे घर में पुदीना नहीं लगा हुआ है। महेश सब्जी वाले को कहा है कि मुझे हरा हरा स्वस्थ पुदीना लाकर दे। लाया था पर मुझे ठीक नहीं लगा। आज फिर लेकर आएगा। मैं उसी विधि से लगाऊंगी। हमेशा मैं यह काम फरवरी मार्च में करती हूं। इस बार मई में करुंगी। अगर पुदीना भीषण गर्मी में लग गया तो आपके साथ शेयर करूंगी। 💐👍










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