Search This Blog

Saturday, 14 February 2026

स्कूल में वैलेंटाइन डे और सहेलियों में गैलटाइन डे 💕 Migration to America अमेरिका प्रवास नीलम भागी Neelam Bhagi

 


यहां 5 दिवस काम होता है और शनिवार, रविवार वीकेंड यानि कोई काम नहीं होता, बस छुट्टी मनाना और अगले हफ्ते की तैयारी। वैलेंटाइन डे 14 तारीख यहां शनिवार आज है और आज छुट्टी है इसलिए स्कूलों में कल valantine Day मनाया गया। कल गीता के स्कूल की भी जल्दी छुट्टी हो गई। वह भी एक थैला उठाए घर लाई, जिसमें बच्चों की पसंद के उस उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे गिफ्ट थे। 4 साल की दित्या को स्कूल लेने गए, वह भी एक थैला उठाएं, गिफ्ट लिए चली आ रही है। एक दिन पहले राजीव जी गीता को साथ ले जाकर कई कई सारे गिफ्ट लेकर आ आए। उत्कर्षनी ने दोनों को अलग-अलग थैलों में उनके गिफ्ट दे दिए। मैं दित्या के साथ उसे स्कूल छोड़ने गई। राजीव जी उसको पूरे रास्ते समझाते गए कि जब टीचर कहेगी, तब सब बच्चों को गिफ्ट देना। टीचर की बात मानना, उससे पहले बैग नहीं खोलना। यहां क्लास में ज्यादा बच्चे तो होते नहीं हैं।  गाने की क्लास भी हुई। हैप्पी वैलेंटाइन बोलकर सब ने एक दूसरे को गिफ्ट दिए। स्कूल से आकर गीता अपने गिफ्ट फैला कर बैठ गई। दित्या अपने स्कूल से आई, वह भी बहुत खुशी से अपने गिफ्ट फैला कर बैठी। पेरेंट्स भी बहुत समझदार हैं। बच्चों को छोटे-छोटे, उनको व्यस्त रखने वाले गिफ्ट लाकर दिए हैं, वही उन्होंने अपने मित्रों को दिए हैं। दित्या के पेपर बैग पर उसका नाम लिखा है। जिसमें कार्ड भी है। उस पर To और from लिखा है। उसकी पक्की सहेली का नाम "लायला to दित्या।" दित्या बहुत व्यस्त है, उसने गिफ्ट में मिले स्टिकर निकाल कर अपने मुँह, हाथ पैरों पर लगा लिए। स्टिकर ज्यादा हैं तो मेरे मुँह पर भी लगा दिए।

वैलेंटाइन डे एक ऐसा दिन है जब लोग अपने प्यार का इज़हार करते हैं, अपने प्रियजनों को उपहार देते हैं, और एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं। यह दिन 14 फरवरी को मनाया जाता है और इसे प्रेम दिवस के रूप में भी जाना जाता है।

वैलेंटाइन डे का इतिहास बहुत पुराना है, और इसके बारे में कई कहानियाँ हैं। एक कहानी के अनुसार, वैलेंटाइन डे का नाम सेंट वैलेंटाइन के नाम पर रखा गया है, जो एक रोमन पादरी थे और उन्होंने प्रेम और विवाह के बारे में प्रचार किया था।

यहाँ लॉस एंजेलस में तो कई दिन पहले से तैयारी शुरू हो जाती है। रेस्टोरेंट वगैरह में जगह नहीं मिलती है। आज गीता को उत्कर्षनी, कुलवर सिटी लेकर गई है। वहां उसकी प्ले से लेकर छठी क्लास तक की सहेलियां, एक सहेली के घर सब मिल कर गैलटाइन दिन मनाएंगे। घर और स्कूल बदलने से इनकी दोस्ती में कोई क़मी नहीं आई है। इनकी मांओं में भी दोस्ती है। वे इनसे अलग अपना जमावड़ा लगायेंगी। सब अपनी अपनी तरह से वालेटाइन और गैलटाइन मना रहें हैं। कल शाम क़ो राजीव जी के मित्र, सपत्नी डिनर पर आए थे। गीता मुझे हिंदी के शब्द ख़ोज ख़ोज कर वालेटाइन के बारे में समझा रही है। मैं तो वैसा ही लिख रही हूँ, जैसा भारतीय परिवार में देख रही हूँ। आजकल वैलेंटाइन का सात सूत्रीय दिनों के अनुसार, कार्यक्रम तो सोशल मीडिया की कृपा से सबको याद ही है। सड़क पर भी गाड़ी से निकली हूँ। हॉलीवुड में जहाँ बैठ कर यह लेख लिख रहीं हूँ। सामने सड़क खूब चल रही है और यहां भी लोग ख़ूब आ जा रहें हैं। छुट्टी का दिन है। कहीं कोई बेहूदगी नज़र नहीं आ रही है।