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Thursday, 30 October 2025

इलेक्ट्रिकल चार्ज पालक Electrical Charge Malabar Spinach नीलम भागी Neelam Bhagi

 


"दीदी आपके घर के बाहर इतना सारा पोई का साग लगा हुआ है, शायद आप तो खाती न हैं, हम ही तोड़ लें क्या?" करौंदे के पेड़ को ढके हुए और बिजली की तारों से लटकती हुई लाल-लाल टहनियां, उस पर हरे-हरे चमकदार पत्ते देखकर मन में आता होगा, कितना बढ़िया बेल पालक का साग है. इसीलिए परमिशन मांगती हैं. हमारे घर के बाहर अपने आप यह उग गया. इसके बारे में भी मैंने पहले लिखा है. लिंक पर क्लिक कर पढ़ें.

https://neelambhagi.blogspot.com/2024/07/malabar-spinach-for-strong-immunity.html

पत्तों के पकोड़े बनाएं, दाल पालक बनाया, आलू भुजिया बनाई. मेरे अमेरिका जाने से पहले यह करौंदे के पेड़ पर चढ़ गया, जब मैं वहां से लौटी तो यह पता नहीं कैसे बिजली की तार पर लिपट गया. इस पर करंट ना आ जाए इसलिए तब से इसके पत्ते नहीं तोड़े न ही करौंदे तोड़े. पेड़ पर लाल लाल करौंदे पके हुए हैं. बिजली के डर के कारण हम तोड़ते पता नहीं. कहां कहां से सुंदर-सुंदर पक्षी आते हैं. करौंदे खाते हैं, नीचे फेंकते हैं. हम लोगों के पैर से दबने वह फर्श गहरा लाल हो जाता है. अब एक ही डर लगा रहता है कि मालाबार पालक को देखकर कोई बाई न तोड़ने लगे, अगर करंट आ गया तो! मालाबार पालक को हिंदी में पोई साग या पुई साग कहते हैं। इसे बेल वाली पालक के नाम से भी जाना जाता है। 

यह एक बेल वाली सब्जी है जो स्वाद में पालक की तरह होती है और इसमें पोषक तत्वों की भरमार होती है। इसकी दो किस्में होती हैं - एक हरे पत्तों वाली और दूसरी लाल या हरे तने वाली।

इसका साग विटामिन A, C, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। जो आयरन की कमी (एनीमिया) को दूर करने में मदद करता है। यह आँखों के लिए फायदेमंद है। यह त्वचा को स्वस्थ रखता है। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। यह तनाव कम करने और नींद में सुधार करने में मदद कर सकता है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए फोलेट का एक अच्छा स्रोत है। मतलब गुण ही गुण हैं.

इंटरनेट पर इसके इतने गुण पढ़ने के बाद अगर कोई तोड़ने लगे और करंट आ जाए तो!🥺







Sunday, 26 October 2025

संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की तैयारी में खरीदारी🙏 Shopping in preparation for evening and morning prayers Neelam Bhagi

 


बाजरों में अस्थाई दुकानें लगी हैं, जिसमें छठ पूजा  में उपयोग होने वाला, सब कुछ मिल रहा है. तरह-तरह के फल सब्जियां जो कभी देखने को भी नहीं मिलती हैं वह  आज दिख रही हैं. मैं भी बाजार से उन सब फल सब्जियों को खरीद कर लाती हूं ताकि बच्चों को पता चले कि  प्रकृति ने हमें अनगिनत दिया है और उसका हमें पर्यावरण को सुधार कर, आभार प्रकट करना चाहिए. छठ पूजा एक प्रमुख प्रकृति पूजा का पवित्र पर्व है, जो मुख्यतः बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जो जीवन में प्रकाश और ऊर्जा के प्रतीक हैं।

पर्यावरणीय जागरूकता का महापर्व छठ पूजा हमें श्रद्धा, संयम और कृतज्ञता की सीख देती है। यह पर्व संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है.

https://www.instagram.com/reel/DQTDy2oETKS/?igsh=MW9jb2JwNjB2OHNjZQ==

Saturday, 25 October 2025

सजावटी, कम रखरखाव वाला पौधा कैलेडियम! Ornamental low maintenance plant Caladium Neelam Bhagi नीलम भागी

  


प्रेरणा शोध संस्थान नोएडा के स्वागत कक्ष में कैलेडियम को पहली बार मैंने पानी में लगा देखा. पूछने पर पता चला इसे रामकुमार जी ने लगाया है. उन्होंने बताया कि वह हर हफ्ते इसका पानी बदल देते हैं. सर्दी आ रही है, दरवाजे खिड़कियां ठंड के कारण बंद रहेंगे. ऐसे में इस इंडोर प्लांट को वायु शोधक के रूप में घर में लगाना अच्छा रहेगा.  कैलेडियम एक लोकप्रिय और अपेक्षाकृत कम रखरखाव वाला इनडोर पौधा है। यह अपने सजावटी, तीर के आकार के पत्तों के लिए जाना जाता है, जो विशिष्ट किस्म के आधार पर रंग और विविधता में भिन्न हो सकते हैं। 

यह एक लोकप्रिय पौधा है।  फेंगशुई के अनुसार, सिंजोनियम पौधे सौभाग्य, स्वास्थ्य, धन और समृद्धि लाने वाले माने जाते हैं। वे अपने वायु-शोधन गुणों के लिए भी जाने जाते हैं। 

इसकी बढ़ने की आदत है. इसको सहारे के साथ सीधा उगाया जा सकता है या फिर लटकाकर भी उगाया जा सकता है। इसके  विकास को नियंत्रित करने और झाड़ीनुमापन को बढ़ावा देने के लिए तनों की छंटाई कर सकते हैं। 

छँटे हुए तनों से प्राप्त कटिंग का उपयोग नए पौधों को उगाने के लिए किया जा सकता है। टहनी को पानी में डालने से एक दिन छोड़कर पानी बदलने से यह नए पौधे में बदल जाता है.








Wednesday, 22 October 2025

अन्नकूट, गोवर्धन पूजा, गिरिराज परिक्रमा नीलम भागी

 


गिरिराज परिक्रमा में मैंने देखा, कुछ श्रद्धालु  गोवर्धन की दण्डौती परिक्रमा कर रहे थे। इसमें जो दण्डवत लेटता है, जहां उसके हाथ धरती को छूते हैं, वहां लकीर खीच दी जाती है फिर लकीर से अगला दण्डवत किया जाता है। ये वो ही लोग करते हैं जिन्होंने मनोकामना के लिए मन्नत मानी होती है। मनोकामना पूरी होने पर वे दण्डवत परिक्रमा करते हैं। ये परिक्रमा पूरी होने में एक या दो हफ्ते लगते हैं। रास्ते में श्रद्धालु सखिभाव से राधा बने नाचते जा रहे थे। कहीं बिना होली के ही सूखा रंग खेल रहे थे। पहले इक्कीस किलोमीटर का रास्ता नंगे पांव चलना बहुत मुश्किल लग रहा था!! पर अब बड़ा  मनोरंजक था। यहां लीलाएं कन्हैया ने रचाई पर श्रद्धालु राधे राधे करते चल रहे थे।

   जन मानस से जुड़ी लीला तो गोवर्धन पूजा है जिसे दुनिया के किसी भी देश में रहने वाला कृष्ण प्रेमी मनाता है। जो पर्यावरण और समतावाद का संदेश भी देता है। कन्हैया बड़े हो रहें हैं। अब वे बात बात पर प्रश्न और तर्क करते हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी घरो में दिवाली के अगले दिन पूजा की तैयारी और पकवान बन रहे थे। बाल कृष्ण मां से प्रश्न पूछने लगे,’’किसकी पूजा, क्यों पूजा?’’ मां ने कहा,’’ मुझे काम करने दे, जाकर बाबा से पूछ।’’वही प्रश्न कन्हैया ने नंद से पूछे। नंद ने कहा,’’ये पूजा इंद्र को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। वह वर्षा करता है।’’ कन्हैया ने  सुन कर जवाब दिया कि हरे भरे गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। उस पर गौए चरती हैं। जब बहुत वर्षा होती है। तो हम सब अपना गोधन लेकर गोवर्धन की कंदराओं में शरण लेते हैं। इसकी पेड़ों की जड़े वर्षा का पानी सोख कर हरा भरा रखती हैं। बादलों को रोकता है। अपनी कंदराओं में जल संचित कर, झरनों के रूप में देता  है। इस बार पूजा गोवर्धन की करनी चाहिए। सबको कन्हैया की बात ठीक लगी। प्रकृति ने ग्रामीणों को जो दिया था सब लाए। बाजरा की भी उन्हीं दिनों फसल आई थी, उसकी भी खिचड़ी बनी। दूध दहीं मक्खन मिश्री से बने पकवान, जिसके पास जो भी था वह उसे लेकर गोवर्धन पूजा के सामूहिक भोज में अपना योगदान देने पहुंचा। पूजा में अग्रज गोवर्धन को बनाया, बीच में कन्हैया रहे। गोधन, गिरिराज जी की पूजा की। प्रकृति की गोद में सबने मिलकर भोजन प्रशाद खाया और गीत संगीत के बिना उत्सव कैसा!! इसलिए  कन्हैया ने बंसी बजाई। इस तरह हर्षोल्लास से पूजा संपन्न हुई। इंद्र को अपना बहुत अपमान लगा। उसने भीषण वर्षा शुरु कर दी। पूरा क्षेत्र डूबाने लगा। कन्हैया ने सब ब्रजवासियों को गोधन के साथ गिरिराज पर आने को कहा और कनिष्ठ अंगुली से गोवर्धन पर्वत को उठा कर सबको सुरक्षित किया। प्रलय के समान वर्षा देख, कुछ तो कान्हा को कोसने लगे। उन्होंने सुदर्शन से पर्वत पर वर्षा की गति को नियंत्रित करने को कहा। शेषनाग से मेड़ बन कर पानी को पर्वत की ओर आने से रोकने को कहा। इंद्र सात दिन तक अपना प्रकोप दिखा कर, ब्रहाा जी के पास कृष्ण की शिकायत करने पहुंचा। ब्रह्मा जी ने सुन कर जवाब दिया कि कृष्ण, विष्णु के अंश पूर्ण पुरुषोत्तम नारायण हैं। इंद्र ने कृष्ण से क्षमा मांगी। तब से अन्नकूट में कृष्ण की पूजा की जाती है। और हमें भी संदेश मिलता है कि वन पर्वत नहीं, तो वर्षा नहीं। हम अपने घरों में अन्नकूट का त्यौहार बड़ी भावना से बनाते हैं। पूरी कोशिश रहती है कि 56 भोग ही बने। बनाते समय सबका ध्यान मिर्च पर रहता है कि ज्यादा मिर्च हो गई तो कन्हैया को मिर्च लग जायेगी।  मिक्स वैजीटेबल भी मुझे लगता है कन्हैया के समय से चली है। गिरिराज जी की पूजा में उस समय कई वैराइटी की सब्जियां आई होंगी। कोई थोड़ी भी ला पाया होगा। लीलाधर ने सब मिला कर एक बनवा दी होगी। मिक्स सब्जी और सब कुछ बिना लहसून प्याज का अन्नकूट में बहुत स्वाद बनता है। अन्नकूट का प्रशाद ही शायद बाहर नौकरी कर रहे बच्चों को घर लाता है। इस खाने को कोई जूठा नहीं छोड़ता।  युवा जागरण मंच समिति सेक्टर 22 नोएडा द्वारा विशाल अन्नकूट भंडारे का शाम तक वितरण किया गया.


 *पर्यावरण संरक्षण, मवेशियों का संरक्षण — प्रकृति के प्रति संवेदनशील होकर सतत जीवन जीना और समरसता के प्रतीक अन्नकूट उत्सव पर सब मिलजुल कर सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं.

https://www.instagram.com/reel/DQELDL0Efuj/?igsh=YzduZnM0Zzh0aHFq

https://www.instagram.com/reel/DQACW1oktAj/?igsh=MWZqZTh6b3M5NXdrNg==



Tuesday, 21 October 2025

प्रवासी दिवाली Pravasi Diwali Neelam Bhagi नीलम भागी

 


दिवाली की रात को उत्कर्षनी और राजीव जी का अमेरिका से शुभकामनाओं का फोन आ गया था. उनके यहां 12 घंटे बाद दिवाली है. यह फोन उनकी छोटी दिवाली का था. साथ ही दित्या का सोकर उठने का वीडियो था, दिवाली की बधाई देते हुए. कुछ देर में  राजीव जी ने दित्या का फोटो भेजा, जिसमें वह नीले रंग की पोशाक पहनकर दिवाली के लिए तैयार है, फूल, झुमके, माला, अंगूठी, हेयर बैंड, पहने और हाथ में पर्स लटका रखा है. मुझे देखकर बहुत हंसी आई. उत्कर्षनी की परेशानी भी समझ आई. जब भी उसके लिए नया कपड़ा त्यौहार पर लो, वह उसी समय पहन लेती है. न पहनाओ तो रोती है, बच्चों के पास एक ही अस्त्र होता है रोना, जिसे वह शस्त्र की तरह इस्तेमाल करता है. अब दिवाली को भी नई ड्रेस चाहिए. उत्कर्षनी को फोन पर पूछा. उसने जवाब दिया, "एक नई ड्रेस इसको दिखाए बिना रखी हुई है, पता नहीं साइज आएगा कि नहीं अगर इसको ट्राई करवा कर लेती, तो यह वह भी पहन लेती वह कल पूजा से पहले निकालूंगी." अभी उसकी परिवार की फोटो आई है. देखकर मेरा मन खुश हो गया. आपको भी अपनी खुशी में शामिल करना चाहती हूं और अपने प्रवासी परिवार के लिए शुभकामनाओं की भी उम्मीद करती हूं.💐  

https://www.instagram.com/reel/DQELDL0Efuj/?igsh=YzduZnM0Zzh0aHFq

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Saturday, 18 October 2025

उत्सव में घर पर पकवानों की महक!The smell of festive dishes at home! Neelam Bhagi नीलम भागी

 


अमेरिका में दिवाली पर घर में मिठाई तो गीता की पसंद की ही बनेगी. उत्कर्षनी को त्योहार पर घर में मिठाई और पकवानों की महक बहुत पसंद है. गीता  बहुत छोटी थी तब से उत्कर्षनी तरह तरह की मिठाइयां घर पर ही गीता की मदद से बनाती है, अब गीता बड़ी हो रही है इसलिए वह अपनी पसंद बताती है. मैं सोच ही रही थी इतने में उत्कर्षनी ने सफेद रसगुल्लों की तस्वीर भेजी. जो बिल्कुल बाजार की तरह लग रहे थे. त्योहार पर मिठाई  हमेशा घर पर जरूर बनती है और विशेष पूरी कचोरी वाला खाना भी. साथ ही उत्कर्षनी का फोन भी आ गया, " माँ रसगुल्ले कैसे लग रहे हैं?" मैंने जवाब दिया कि सूरत में तो लाजवाब हैं! स्वाद तो खाने वाला ही बताएगा. हां यह गारंटी है कि तूँ बेस्वाद  नहीं बना सकती. मुझसे सफेद रसगुल्ले कभी परफेक्ट नहीं बने इसलिए मैंने उससे पूछा कैसे बनाएं. उसने बताया ढाई लीटर दूध को उबाला गैस बंद करने के बाद, उसमें थोड़ा-थोड़ा करके नींबू का रस डाला और दूध को चलाती रही. जैसे ही दूध फटना शुरू हुआ नींबू का रस डालना बंद कर दिया पांच नींबू का रस लिया था. थोड़ा सा बचा. फिर 2 मिनट तक रखा रहने दिया. उसके पास छान लिया और दबा दबा के छेने से सारा पानी निकाल दिया. इस छैने को थाली में रखकर थोड़ा सा इलायची पाउडर डालकर, गीता को दे दिया. उससे कहा कि अच्छी तरह से छैने को हथेलियां से मसले. वह चाशनी बनाने लग गई. दो कप चीनी में पांच कप पानी डाला चीनी को अच्छी तरह पहले मिलाया ताकि चीनी पतीले के तले  में न चिपके. ऊपर जो झाग आया, उसको हटाया. चीनी  खौलने लगी.  छैना देखा गीता बच्चा है उसने बहुत ही अच्छे से मसला. उसके हाथ लगाते ही वह आटे की तरह बड़ी सी लोई में बदल गया. कोई बेकिंग पाउडर नहीं न ही बाइंडिंग के लिए कुछ मिलाया. 30 मीडियम गोलियां दोनों ने बनाई. अब हाई फ्लेम करके  खौलती हुई चाशनी में एक गोली डाली वह फटी नहीं. अब धीरे-धीरे एक-एक करके डाल दीं और ढक दिया 5 मिनट बाद देखा झाग खूब, चाशनी थोड़ी कम लगी थोड़ा सा गर्म पानी और मिला दिया. उसके 8 मिनट के बाद गैस बंद कर दी. कुछ देर बाद रसगुल्ले पतीले से निकाल लिए. उस पर केसर डाल दिया. सफेद रसगुल्ले थे उन्हें सफेद ही रखना चाहिए था. पर गीता दित्या छोटी हैं. उन्हें रंगीन चीज पसंद है इसलिए केसर के धागे डाले. अगर पहला रसगुल्ला डालते ही वह फटता,  तब मैं थोड़ा सा बेकिंग पाउडर और एक दो चम्मच सूजी और कॉर्न फ्लोर के डालती. मेरी बेटी उत्कर्षनी, दो राष्ट्रीय पुरस्कारों ( स्क्रिप्ट और डायलॉग लेखन, फ़िल्म गंगूबाई कठियावाड़ी) से सम्मानित, कुक भी लाजवाब है!!   

https://www.instagram.com/reel/DP9luWFEoVj/?igsh=bDR2bXY0cXVjOHV5




Friday, 17 October 2025

टीम फर्स्ट तो मैं भी फर्स्ट If the team is first then I am also first 😄. नीलम भागी Neelam Bhagi

 

कम्युनिटी संवाद मैगजीन द्वारा आयोजित दिवाली मिलन कार्यक्रम में सभी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया. सुबह 10:00 से 4:00 तक संवाद परिवार तरह-तरह की मनोरंजक गतिविधियों में व्यस्त रहा और प्रतियोगिताओं में भाग लिया. हमारी टीम रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम आई. टीमवर्क का कितना फायदा होता है! सबने बहुत मेहनत की. शुरू करने से पहले अपने आइडिया साँझा किये. डिजाइन पसंद किया. उसमें क्या करना है! सब ने अपना काम बांट लिया. दिए गए समय में ही रंगोली पूरी करनी थी. सबको एक सा सामान मिला था और बराबर जगह मिली. स्टार्ट होते ही सब काम में लग गए. मैं नीचे नहीं बैठ सकती इसलिए मैंने फूलों से पंखुड़ियां अलग करने का काम किया जो कोई भी कर सकता है 😃. सौभाग्य से मैं कितनी अच्छी टीम का हिस्सा रही! मिट्टी की मटकी में से पर्चियां निकाल कर टीम बनी थी. टीम फर्स्ट तो मैं भी फर्स्ट 😄. रंगोली प्रतियोगिता में हमारी टीम को प्रथम पुरस्कार मिला. दिवाली मिलन कार्यक्रम में आगमन से उपस्थित तक तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया. विजेताओं को पुरस्कृत किया गया. मज़े की बात कि सभी ने किसी न किसी एक्टिविटी में भाग लिया और कहीं ना कहीं जीत हुई.  विनोद अग्रवाल जी से मिठाई और उपहार लेकर, संवाद परिवार के सदस्यों ने एक दूसरे को दीपावली की बधाई दी और हंसते खिल खिलाते, विदा हुए . अब पंच दिवसीय दीपोत्सव अपने-अपने परिवार में मनाएंगे.

https://www.instagram.com/reel/DP68iuMkoq3/?igsh=MWhjdTVyM2Zuc2NlMg==










Thursday, 16 October 2025

नोएडा मीडिया क्लब ने मनाया दीपावली मिलन समारोह*

 


नोएडा मीडिया क्लब द्वारा दीपावली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने किया। क्लब के सदस्य पत्रकारों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ दीपावली का पर्व मनाया। इस अवसर पर अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने कहा कि “दीपावली हमारी आस्था, परंपरा और सांप्रदायिक सद्भाव का अद्भुत संगम है। दीपावली रोशनी का पर्व है और दीपक प्रकाश का प्रतीक है, जो अंधकार को दूर करता है। दीया हमारे जीवन की रोशनी, सीख और आशा का प्रतीक है। यह हर्ष और उल्लास का त्योहार है।”कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायिका डॉ. बबीता शर्मा ने अपने मनमोहक भजनों से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित अतिथियों ने उनके भजनों का आनंद लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। इस मौके पर नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन एवं उनकी टीम, समाजसेवी एवं उद्योगपति पीयूष द्विवेदी, उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष विकास जैन, बाबा बालक नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर धीरज जी महाराज, शिव शक्तिपीठ के यश जी महाराज, वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री, राणा यशवंत, संजय गिरी, राजनीतिक विशेषज्ञ सुनील कौशिक, ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के अध्यक्ष आदेश भाटी, समाजसेवी यू. के. भारद्वाज, नोएडा के डीसीपी यमुना प्रसाद एवं एसीपी प्रवीण कुमार सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, रविकांत मिश्रा, अमित त्यागी, नीता बाजपेई, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव, यतेन्द्र शर्मा, पुरुषोत्तम नागर, सपा नेता राघवेंद्र दुबे, सुभाष भाटी, आरएलडी से विजेंद्र यादव सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों और पत्रकारों ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और समाज में आपसी सद्भाव, एकता और प्रकाश फैलाने का संकल्प लिया।

https://www.instagram.com/reel/DP4T1pNkzGS/?igsh=MWttaXVreGo3aGExeQ==

*नोएडा मीडिया क्लब*







Tuesday, 14 October 2025

पार्किंग का इंतजार अमेरिका प्रवास Waiting for parking, US migration Neelam Bhagi

 


देखने के लिए खूब खुली जगह है लेकिन सब काम व्यवस्थित और नियम कायदे से है. हम वीकेंड पर सेंटा मोनिका बीच गए. एक पार्किंग से दूसरी पार्किंग घूमते रहे पार्किंग फुल! एक पार्किंग में फिर थोड़ा इंतजार किया इस उम्मीद में कोई जा रहा होगा उसकी जगह मिल गई जाएगी और मिल भी गई.😄

https://www.instagram.com/reel/DPyDrsWkWMr/?igsh=ODNlOWxpdjRpaHk5







Sunday, 12 October 2025

डिलीवरी रोबोट! इसे टिप नहीं देनी पड़ती अमेरिका प्रवास नीलम भागी Delivery robot! No tipping required! US traveler Neelam Bhagi

 


डिलीवरी  रोबोट हैं जिन्हें स्थानीय व्यवसाय से ग्राहक के स्थान तक खाद्य पदार्थ या पैकेज जैसे सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। वे फुटपाथों और सड़कों पर चलते हैं, तथा  रुकावटों से बचने और पहले से निश्चित  रास्ते का अनुसरण करने के लिए अक्सर सेंसर, जीपीएस और कैमरों के संयोजन का उपयोग करते हैं। मैनपॉवर कम होने के कारण इनका उपयोग बहुत होता है. सड़क पर जाते हुए यह आम मिल जाते हैं.किसी किसी के ऊपर झंडा लगा होता है तो ध्यान उधर जाता है. पहली पहली बार देखने में बड़ा अजीब सा लगता है कि एक बॉक्स फुटपाथ पर  ट्रैफिक के नियमों का पालन करते हुए जा रहा है. उत्कर्षनी ने बताया कि इसे टिप नहीं देनी पड़ती. 😃

https://www.instagram.com/reel/DPvEd4LEZ9V/?igsh=c2huem5uZjRzczR0

Saturday, 11 October 2025

युवती आत्मरक्षा एवं प्रेरणा अभियान

महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों की रोकथाम को लेकर आज

जागृति संस्कार केन्द्र दिल्ली द्वारा नोएडा के सेक्टर 12 स्थित

भाऊ राव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को सम्बोंधित करते हुये संस्था अध्यक्ष अनिल किशन ने कहा कि हमारा संस्था कई वर्षों से बच्चियों और महिलाओं को शिक्षित नारी, स्वस्थ नारी, सशक्त नारी बनाने के निरंतर प्रयास करता आ रहा है। जिला प्रशासन व सरकार से अपील करते है कि कहा कि जनहित में कार्य करने वाली संस्थाओं को सरकारी योजना से जोड़कर उन्हें सहयोग एवं योगदान दिया जाये। जिससे बेहतर तरीके से काम किया जा सके।