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Sunday, 28 December 2025

पौधों की चिंता! Worry about the plants! Migration to America अमेरिका प्रवास Neelam Bhagi

 


वेकेशन पर जाने से पहले उत्कर्षनी को पौधों की बहुत चिंता थी। उसने ड्रॉप सिस्टम से पानी देने के लिए बोतलों पर लगाने के लिए क्लिप भी खरीद लिए। हालांकि सर्दी में पानी की ज्यादा जरूरत नहीं होती फिर भी वह 15 दिन का रिस्क नहीं ले सकती थी। पौधों का उसको बहुत शौक है। इसने कंटेनर गार्डनिंग की हुई है। मुझे तो शौक है ही। राजीव जी और उत्कर्षनी अपने कामों को पूरा करने में व्यस्त थे। मैं पौधों की देखरेख और व्यवस्था में लग गई। उनकी कटाई छटाई कर दी ताकि कम पानी में मरे नहीं। क्रमशः 





Saturday, 27 December 2025

यहाँ बच्चे स्कूल खुशी से जाते हैं!Here children go to school happily!!! Migration to America अमेरिका प्रवास Neelam Bhagi

 


शुक्रवार को मेरे उठने से पहले ही गीता स्कूल जा चुकी थी। दित्या के स्कूल जाने के लिए आज राजीव जी के साथ उत्कर्षनी भी तैयार थी। दित्या ने बहुत सुंदर सी फ्रॉक पहनी, उनकी स्कूल में यूनिफार्म नहीं है। बालों में बटरफ्लाई क्लिप लगाकर तैयार थी। उनके  स्कूल में शुक्रवार को सुबह छोटे बच्चे किसी एक क्लास के म्यूजिक की परफॉर्मेंस देते हैं। आज स्कूल का आखिरी दिन था इसलिए सभी कक्षाओं  के छोटे बच्चे थे।  हमेशा छोटे-छोटे बच्चों को ही पढ़ाया है पर यहां मैं बहुत ही प्रभावित थी। जिस  क्लास का परफॉर्मेंस होता, वो स्टेज पर आते थे म्यूजिक पर परफॉर्मेंस देते थे। बाकी बच्चे सामने बैठकर सुनते और उनकी टीचर भी बच्चों के बीच में ही नीचे बैठी हुई। कोई बच्चा टीचर की गोद में भी बैठा होता। सामने एक टीचर बच्चों के सामने और पेरेंट्स के बीच  टेडी बियर लेकर गाने के साथ टैडी से मूवमेंट देती।बच्चे पूरी मस्ती में गाते, पेरेंट्स ग्रैंडपेरेंट्स सब बच्चों की परफॉर्मेंस का आनंद उठा रहे थे। इससे मुझे नहीं लगता किसी बच्चे में स्टेज फीयर बचता होगा। कल जब मैं दित्या के स्कूल में आई थी तो राजीव जी ने मुझे एक जगह इशारा करके बताया कि यहां बच्चे जो सामान छोड़ जाते हैं, उसे रख दिया जाता है। पेरेंट्स आकर ले जाते हैं या बच्चे खुद ही अगले दिन उठा लेते हैं। आज यहां पर  स्टैंड पर बच्चों की जैकेट वगैरा हैंगर से टंगी हुई थीं और दूसरा सामान भी। पेरेंट्स इसमें से अपना सामान ढूंढ रहे थे। आज जो नहीं ले जाएंगे तो यह सब कुछ डोनेशन में चला जाएगा। म्यूजिक परफॉर्मेंस देखने के बाद पेरेंट्स घर जा रहे थे। किसी बच्चे ने उनके साथ घर जाने की जिद नहीं की।  खुशी से हंसते हुए अपनी टीचर के साथ क्लास में जा रहे थे। मैं तो यहां की हर बात से प्रभावित हूं और आज तो नर्सरी किंडर गार्डन देखकर   और ज्यादा प्रभावित हो गई। कल से छुट्टियां है। क्रमशः 







क्रिसमस नया साल की छुट्टियों से पहलेBefore the Christmas New Year holidays Migration to America अमेरिका प्रवास Neelam Bhagi

 


शाम को गीता के स्विमिंग क्लास में पार्टी थी, जिसमें पेरेंट्स भी भाग ले रहे थे। सभी को कुछ न कुछ ले जाना था, जो पहले से निश्चित था। उत्कर्षनी को स्विमिंग नहीं आती। राजीव जी बहुत अच्छे तैराक हैं इसलिए गीता बहुत खुश थी कि उसके पापा प्रतियोगिता में भाग लेंगे। दित्या की सॉकर की क्लास थी। मैं राजीव जी के साथ उसे स्कूल से लेकर उसकी सौकर की क्लास में गई जो तीसरी मंजिल पर ओपन में थी । यहां की यह बात मुझे बहुत पसंद है, जिस बच्चे की जो भी क्लास होती है, सामने पेरेंट्स के बैठने की व्यवस्था होती है। हम अपने बच्चों की हर एक्टिविटी देख सकते हैं। राजीव जी वहाँ से चले गए थे। लेकिन आज दित्या ने कसम खाली कि नहीं खेलना है और बिल्कुल भी नहीं खेली। दित्या क्लास से बाहर आकर मुझे जो भी शैतानियां करके दिखा सकती थी, करने लगी। फिर कहने लगी, लिफ्ट से नीचे चलते हैं। मैं तो यहां कुछ भी नहीं जानती। आज यहां मेरा दूसरा दिन था। मैंने मना कर दिया। उसके दिमाग में था कि वह नानी के साथ में कुछ भी कर सकती हैं। मेरे मना करते ही, अब वह गुस्से में आ गई। क्लास के बाद कोच ने सब बच्चों के गले में मैडल डालें, फोटो खींचे। दित्या को खूब बुलाया, वह नहीं गई। कोच ने बाहर आकर, इसके भी गले में मैडल डाला। मैंने राजीव जी को कॉल किया। वह तुरंत आ गए। उन्होंने बताया कि उत्कर्षनी मुझे लेने आ रही है। वहीं पर वे दित्या को चाइल्ड एक्टिविटी रूम में ले गए। उन्होंने आकर मुझे बताया कि आपके कारण ऐसा कर रही थी अब उसे लगा कि आप चली गई हो, वह खिलौनो से खेल रही है। मैं फिर भी उसे देखने गई। उसकी मेरी तरफ पीठ थी वह मस्त खेल रही थी। इतने में उत्कर्षनी मुझे लेने आ गई। हम लोग  स्विमिंग स्कूल में गए। राजीव भी दित्या को लेकर आ गए। गीता की स्विमिंग की क्लास खत्म हो चुकी थी। वह बहुत खुश थी कि उसके पापा पार्टिसिपेट करेंगे।  पार्टी भी चल रही थी। बहुत ही अनुशासन पहले स्टूडेंट ले रहे थे, बाद में पेरेंट्स। जब पेरेंट्स पूल में उतरे, उनके बच्चों ने इतना शोर मचा के उनको उत्साहित किया, जिसे देखकर आनंद आ रहा था। गीता दित्त्या का तो चिल्ला चिल्ला कर गला बैठ गया था। ओपन स्विमिंग पूल 4:30 बजे सूरज डूब जाता है 8:00 बजे प्रतियोगिता थी। अब एहसास हो रहा था कि ठंडे पानी में गीता की स्विमिंग की प्रैक्टिस करना। यहां बच्चों को बबुआ बना कर नहीं पालते हैं। पूल साइड पार्टी में भी कहीं भी एक टुकड़ा कचरा नहीं! कल के बाद 15 दिन की छुट्टियां हैं।

क्रमशः

https://www.instagram.com/reel/DSvAD7oAOvd/?igsh=MW00Y29qZXoyeGtnYw==





Wednesday, 24 December 2025

दित्त्या नमस्ते पहले जैसे ही करती है Ditya says Namaste as before. Migration to America अमेरिका प्रवास Neelam Bhagi ,

 

जब मैं लॉस एंजेलिस  पहुंची थी तो 4:00 बजे शाम हो चुकी थी और 4:30 बजे अंधेरा हो गया। 17 दिसंबर को सिर्फ एक ही जैकेट में घूम रही थी। 2 महीने पहले जब मैं यहां से लौटी थी तो 8:00 बजे रात रोशनी रहती थी। राजीव जी बोले, "दित्त्या को सरप्राइज देते हैं, पहले उसे स्कूल से लेने जाते हैं।" इतने में उत्कर्षनी का फोन आ गया कि मम्मी को ले लिया है? हाँ सुनते ही उत्कर्षनी ने और गीता ने बात की। गीता स्विमिंग क्लास में जाने के लिए आना कानी करने लगी। फिर मेरे समझाने पर जाने को राजी हो गई। दित्या स्कूल में मुझे देखते ही बहुत खुश हुई। उसमें बहुत बदलाव आ गया। प्ले से, नर्सरी किंडर गार्डन में चली गई। अब बात इंग्लिश में ही करती है। हिंदी समझती है, थोड़ा बोलती भी है पहले की तरह नहीं कि मुझसे तो हिंदी में ही बात करनी है। बस उसमें एक बात नहीं बदली, नमस्ते वह दोनों हाथ जोड़कर ही करती है। अगर उसके हाथ में कोई सामान भी हो तो उसको रखेगी, पर नमस्ते हाथ जोड़कर ही करेगी। उसके पूरे स्कूल में दो ही भारतीय बच्चे हैं। थोड़ी बहुत स्पेनिश भी बोल लेती है।  हम घर पहुंचे कुछ देर बाद उत्कर्षनी  गीता भी आ गए। गीता के मेरे गले लगते ही, दित्या नाराज होकर दूर बैठ गई क्योंकि नानी सिर्फ उसकी है।

 


रात को उत्कर्षनी ने बताया कि 18 से बच्चों की क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियां हो रही हैं। वह लोग ऑन रोड घूमने के लिए निकल रहे हैं। वह लगातार लेखन में व्यस्त है क्योंकि वह कमिटमेंट की पक्की है । तब तक वह भी अपना लेखन पूरा कर लेगी। हम बच्चों के साथ ब्रेक ले रहे हैं। राजीव जी साथ-साथ यात्रा की तैयारी में व्यस्त हैं। क्रमशः  

Sunday, 12 October 2025

डिलीवरी रोबोट! इसे टिप नहीं देनी पड़ती अमेरिका प्रवास नीलम भागी Delivery robot! No tipping required! US traveler Neelam Bhagi

 


डिलीवरी  रोबोट हैं जिन्हें स्थानीय व्यवसाय से ग्राहक के स्थान तक खाद्य पदार्थ या पैकेज जैसे सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। वे फुटपाथों और सड़कों पर चलते हैं, तथा  रुकावटों से बचने और पहले से निश्चित  रास्ते का अनुसरण करने के लिए अक्सर सेंसर, जीपीएस और कैमरों के संयोजन का उपयोग करते हैं। मैनपॉवर कम होने के कारण इनका उपयोग बहुत होता है. सड़क पर जाते हुए यह आम मिल जाते हैं.किसी किसी के ऊपर झंडा लगा होता है तो ध्यान उधर जाता है. पहली पहली बार देखने में बड़ा अजीब सा लगता है कि एक बॉक्स फुटपाथ पर  ट्रैफिक के नियमों का पालन करते हुए जा रहा है. उत्कर्षनी ने बताया कि इसे टिप नहीं देनी पड़ती. 😃

https://www.instagram.com/reel/DPvEd4LEZ9V/?igsh=c2huem5uZjRzczR0

Tuesday, 26 August 2025

प्रवासी जीवन नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


दित्त्या ने तो मुझ पर कब्जा कर लिया था। उत्कर्षनी ने उसको कह दिया कि मुझको सोने नहीं देना है। उसने बहुत अच्छे से ड्यूटी निभाई। जेटलेग न हो इसलिए डिनर के बाद सोने दिया। दित्त्या मेरे और गीता के बीच में सोई। यानि मुझ पर पूरा कब्जा! सुबह दोनों अपने समर कैंप में मुझे साथ लेकर गई। दित्त्या उंगली पकड़ कर क्लास में ले जाकर, उसने अपनी टीचर को बताया,"माई नानी।" घर लौटे तो उत्कर्षनी ने नाश्ता तैयार कर रखा था। तीनों ने नाश्ता बाहर अपने पौधों के पास किया। घर शिफ्ट किया है। राजीव जी ने लिस्ट चेक की। अब हम शॉपिंग के लिए होम डिपो चल दिए। दोनों अलग-अलग सामान खरीद रहे थे। कुछ सामान रह गया था। मैकेनिक का फोन आ गया कि वह घर से निकल चुका है। उसकी जरूरत का सामान राजीव ने खरीद लिया था। उतकर्षिनी ने कहाकि बाकी मैं घर के पास वाले माल से ले लूंगी। राजीव बिल बनवाने लगे। उत्कर्षनी गायब! खूब पौधे खरीद कर लौटी। पेमेंट करके निकल गए। घर पर सामान रखकर, मैं उत्कर्षनी फ़िर खरीदारी करने चल दिए। मैंने कहा,"मैकेनिक को थोड़ा रोक लेते, दोबारा तो नहीं आना पड़ता।" उसने बताया कि वह 50 डॉलर प्रतिघंटे के हिसाब से आया है। मॉल में उत्कर्षनी जरूरत का सामान खरीद रही थी। और मैं घूम रही थी।






https://www.instagram.com/reel/DNzVcK2ZGxv/?igsh=dHV3ZXFvc3dtaGVv

Monday, 25 August 2025

लॉस एंजिल्स शहर अमेरिका प्रवास नीलम भागी Neelam Bhagi

 


एयरपोर्ट से घर जाते समय उत्कर्षनी मुझसे यात्रा के बारे में पूछता जा रही थी। नोएडा में घर से लेकर एयरपोर्ट तक श्वेता अंकुर मुझे समझाते रहे। असिस्टेंट को मुझे सौंपने के बाद मेरे एयरपोर्ट में प्रवेश करने के बाद वे चले गए। उनके जाते ही उत्कर्षनी का फोन आया,"मां सिक्योरिटी जांच के बाद मुझे फोन करना।" जांच के बाद मैंने सोचा कि मैं गेट पर जाकर फोन करूंगी। उससे पहले ही उसका फोन आ गया। मुझे लगातार समझाना। मैं अपने जीवन में इतनी लंबी हवाई यात्रा पहली बार कर रही थी। वह पूरे समय मेरे लिए चिंता में रही। एमस्टर्डम में भी मुझे समझाती रहीं। अब बहुत खुश! मैं उसको जवाब भी देती जा रही थी और वह लगातार मुझे रास्ते में इशारे कर करके उन जगहों के नाम बताती जा रही थी। उनसे जुड़ी बातें कहती जाती थी और कहती," आपको यहां लायेंगे।" मेरी आंखें तो बाहर लगी हुई थीं। गीता प्यार में मेरा हाथ पकड़ कर बैठी थी। उत्कर्षनी जब सरबजीत फिल्म के डायलॉग और स्क्रिप्ट लिख रही थी तो मैं छोटी सी गीता के साथ मुंबई में ही रही। उत्कर्षनी परिवार के अमेरिका शिफ्ट होने पर मैं नोएडा आई। गीता को देखते हैं मेरी रास्ते की थकान मिट गई। एल ए कैलीफोर्निया के सबसे बड़े शहर और अमेरिका के आबादी में दूसरे बड़े शहर में जा रही हूं। और हैरान हो रही थी कि न तो यहां सड़कों पर भीड़ नजर आ रही थी और न ही इतनी गाड़ियों के बावजूद जाम लगा था। न ही 📯 हॉर्न बजा! दुनिया के सबसे बड़े फिल्म और टेलीवीज़न उद्योग के शहर लॉस एंजिल्स में मौसम भी लाजवाब था। क्रमशः 

https://www.facebook.com/share/r/18ivWhXq8P/






Tuesday, 12 August 2025

विंटेज कारें* Vintage car नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


बीच पर दिन बिता कर पार्किंग में लौटे तो देखती हूं कि कोस्टल रोड से  गुजरने वाला प्रत्येक व्यक्ति  

पार्किंग में निगाह पड़ते ही वहां खड़ी  कारों को निहार रहा है और कई उनके साथ सेल्फी ले रहें हैं!! हमारा सड़क पर गुजरना बहुत होता था। कई बार आगे जा रही कार की तरफ इशारा करके राजीव जी बताते,"  यह दुनिया की सबसे  महंगी गाड़ी है या स्पोर्ट्स कार है।"  मैं तस्वीर ले लेती थी। यहां राजीव जी ने तुरंत  आकर मुझे बताया," देखो यह विंटेज गाड़ियां कितनी सहेज कर रखी हैं। ऐसा लगता है कि अभी शो रूम से बाहर निकल कर आई हैं। शौक की बात है।" विंटेज कारें वे होती हैं जो 1974 से पहले बनाई गई थीं। इन कारों में मॉडर्न टेक्नोलॉजी नहीं होती है, और ये अक्सर रैलियों या खास लोगों के घरों में देखी जाती हैं। मसलन इम्पाला, रोल्स रॉयल, बैंटले, फोर्ड, डायलमेर, कैडलॉक, आदि।

https://www.instagram.com/reel/DNR3nhtSyJ1/?igsh=MTN5NzJob3FhYXlraw==









Monday, 11 August 2025

यहां बेटी की परवरिश! नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


बेटी को एक मजबूत, सफ़ल और आत्मनिर्भर महिला बनाने के लिए माता-पिता उनके बचपन से ही प्यार देखभाल के साथ उन्हें कौशल सिखाते हैं। 4 साल की दित्त्या स्विमिंग करते हुए।




बेटी को एक मजबूत, सफ़ल और आत्मनिर्भर महिला बनाने के लिए माता-पिता उनके बचपन से ही प्यार देखभाल के साथ उन्हें कौशल सिखाते हैं। 4 साल की दित्त्या स्विमिंग करते हुए। 

Thursday, 7 August 2025

मालिबु हिन्दू मंदिर जाते हुए, सांता मोनिका पर्वत माला का प्राकृतिक सौंदर्य!! नीलम भागी अमेरिका प्रवास Santa Monica mountains

 


विस्मय विमुग्ध करता हुआ, मालिबु हिन्दू मंदिर जाते हुए सांता मोनिका पर्वत माला का प्राकृतिक सौंदर्य!! नीलम भागी अमेरिका प्रवास Santa Monica mountains



Tuesday, 5 August 2025

मिडल ईस्ट बोरेक Borek नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 


मैं और गीता पर गाड़ी में ही बैठे रहे। राजीव अर्मेनियन बेकरी से कुछ बेक्ड सामान लेने गए। सामान के साथ तीन सफेद लिफाफे थे मुझे, गीता को दिया और उसमें से निकाल कर खाने लगे। मैंने भी निकाल कर देखा गर्म समोसे की तरह बनावट थी साइज बड़ा था पर फूल कर कुप्पा नहीं था। इसमें हरा साग, पार्सले, पुदीना, सोया खटास, योगर्ट से भरी हुई थी जो बेक्ड था। पालक, पनीर, कीमा आदि भर कर भी कई वैरायटी होती हैं । खाने में लजीज था और समोसे का भाई बंधु लगा इसलिए जिक्र किया।




Sunday, 27 July 2025

पब्लिक स्टोरेज नीलम भागी अमेरिका प्रवास

 



   आपको किसी कारण वश कुछ समय के लिए शहर छोड़ना पड़ता है और आप अपने सामान के कारण महंगा किराया नहीं देना चाहते हैं और न ही अपना सामान  बेचना चाहते हैं तो यहां इसका भी विकल्प है। वह है Public storage!! यहां आपकी जरूरत के अनुसार छोटे बड़े कमरे हैं जो आप किराए पर ले सकते हैं। उसमें अपना सामान रख कर जा सकते हैं। जब लौटेंगे तो अपनी पसंद और पब्लिक स्टोरेज में जमा अपने सामान के अनुसार घर लेकर अपना घर फिर से जमा सकते हैं।

क्रमशः